मार्केट अपडेट: सोने-चांदी की कीमतों में लौटी रौनक! हफ्तेभर में सोना ₹6,471 और चांदी ₹17,317 महंगी; जानिए तेजी की बड़ी वजहें

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Gold Silver Price Today: घरेलू सराफा बाजार में बीते हफ्ते भारी गिरावट के बाद इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। ऑल-टाइम हाई से भाव काफी नीचे आने के कारण निचले स्तर पर निवेशकों की मजबूत लिवाली (खरीदारी) से बाजार में यह उछाल आया है।

हफ्तेभर के भीतर सोना ₹6,471 की छलांग लगाकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो 25 जून को ₹1.40 लाख पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी में ₹17,317 की भारी तेजी आई है और यह ₹2.17 लाख प्रति किलो से बढ़कर ₹2.34 लाख के स्तर पर पहुंच गई है।

📌 बाजार की मुख्य कड़ियाँ (Key Highlights)

  • 📈 हफ्ते का रिटर्न: सोना ₹6,471 और चांदी ₹17,317 महंगी हुई।
  • 📆 2026 का रिपोर्ट कार्ड: इस साल अब तक सोना ₹13,145 और चांदी ₹3,438 महंगी हो चुकी है।
  • 🎯 ऑलटाइम हाई रिकॉर्ड: इसी साल 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख का ऐतिहासिक स्तर छुआ था।
  • ⚙️ नया नियम: मई-2026 से सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है।

🏛️ बड़ा झटका: सरकार ने 6% से बढ़ाकर 15% की इंपोर्ट ड्यूटी; विदेश से गहने मंगाने पर रोक

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में आए इस उछाल के पीछे सरकार की नई नीतियां भी एक बड़ी वजह हैं:

1. टैक्स में भारी बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने मई-2026 में सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी खरीद को कम कर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अब सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लागू है।

2. अब बिना लाइसेंस नहीं आएगी विदेशी ज्वेलरी विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सोने, चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) कैटेगरी में डाल दिया है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है, जिसके तहत अब किसी भी देश से ज्वेलरी मंगाने के लिए विशेष सरकारी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

🗺️ देश के अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं सोने के दाम? ये हैं 4 मुख्य कारण:

  1. 🚚 ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: रिफाइनरी या मुख्य हब से एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में भारी सुरक्षा और ईंधन का खर्च जुड़ता, जिससे दूरी के हिसाब से रेट बदल जाते हैं।
  2. 📉 लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर की स्थानीय मांग और सप्लाई को देखते हुए वहां की स्थानीय एसोसिएशन रोजाना सुबह आधार दर (बे रेट) तय करती है।
  3. 🛍️ खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में देश की कुल खपत का करीब 40% हिस्सा अकेले खरीदा जाता है। बड़े पैमाने पर होने वाली इस खरीद के कारण वहां स्थानीय स्तर पर मार्जिन अलग होता है।
  4. 📦 पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स का खुद का खरीदी रेट (इन्वेंट्री कॉस्ट) भी तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी मेकिंग चार्ज या छूट का फायदा दे पाएंगे।

🛡️ स्मार्ट बायर गाइड: ज्वेलरी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

सोना खरीदते समय 2 जरूरी बातें:

  • सर्टिफाइड गोल्ड (HUID): हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ ही सोना खरीदें। इस पर 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) होता है, जिससे शुद्धता की सटीक पहचान होती है।
  • रेट क्रॉस-चेक: खरीदने के दिन ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) की वेबसाइट पर जाकर 24K, 22K और 18K का लाइव रेट जरूर चेक करें।

🥈 घर पर असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके:

  • मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी (Silver) चुंबकीय नहीं होती। अगर वह चुंबक से चिपक जाए, तो उसमें मिलावट है।
  • आइस टेस्ट: चांदी थर्मल एनर्जी की बेहतरीन सुचालक है। असली चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखने पर वह बहुत तेजी से पिघलता है।
  • स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। अगर गहने से कॉपर या किसी अन्य केमिकल जैसी महक आए, तो वह नकली हो सकती है।
  • क्लॉथ टेस्ट: चांदी की सतह को एक साफ सफेद सूती कपड़े से रगड़ें; अगर कपड़े पर हल्का काला निशान आता है, तो चांदी बिल्कुल असली है।

स्रोत: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) एवं विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक डेटा।

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