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Rajouri Agriculture News (05 July 2026): केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आधुनिक और विविधीकृत कृषि प्रथाओं (Diversified Agriculture) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। राजौरी के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) रवि कुमार सिहाग ने ‘आत्मा’ यानी ATMA (SMAE) 2026-27 कार्यक्रम के तहत 40 किसानों के एक दल को सात दिवसीय अंतर-राज्यीय एक्सपोजर-कम-ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह किसान दल हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित सुप्रसिद्ध चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (CSK HPKV) में आधुनिक खेती के गुर सीखेगा। इस एक्सपोजर विजिट का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और सफल फार्मिंग मॉडल्स का व्यावहारिक ज्ञान व प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है।
📌 प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 🌾 प्रायोजक योजना: ‘आत्मा’ (ATMA – SMAE) सत्र 2026-27 के अंतर्गत आयोजन।
- 👥 किसानों की भागीदारी: राजौरी जिले के 40 प्रगतिशील किसान शामिल।
- 📍 प्रशिक्षण संस्थान: सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर (H.P.)।
- ⏱️ अवधि: सात दिवसीय अंतर-राज्यीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण दौरा।
🔬 इन आधुनिक तकनीकों को करीब से सीखेंगे किसान
सात दिनों के इस सघन प्रशिक्षण के दौरान राजौरी के किसानों को कृषि विशेषज्ञों द्वारा कई व्यावहारिक और मुनाफे वाले कृषि क्षेत्रों की ट्रेनिंग दी जाएगी:
- 🍄 मशरूम उत्पादन (Mushroom Cultivation): कम लागत और कम जगह में मशरूम उगाने की वैज्ञानिक तकनीक।
- 🐝 मधुमक्खी पालन (Beekeeping): शहद उत्पादन और इसके जरिए अतिरिक्त आय बढ़ाने के तरीके।
- 🛡️ संरक्षित खेती (Protected Cultivation): ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस तकनीक के जरिए बेमौसम सब्जियां उगाना।
- 🍏 बागवानी और एकीकृत खेती: हॉर्टिकल्चर (Horticulture) और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) के सफल मॉडल।
- 🔄 मूल्य संवर्धन (Value Addition): फसलों की प्रोसेसिंग कर उनकी बाजार कीमत बढ़ाने के गुर।

💬 प्रशासन का संदेश: ‘सीखकर आएं और दूसरे किसानों से साझा करें ज्ञान’
अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) रवि कुमार सिहाग का संबोधन: किसानों को रवाना करते हुए एडीसी ने उन्हें प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने और सभी तकनीकों को बारीकी से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान पालमपुर से लौटने के बाद इन बेहतरीन तौर-तरीकों को अपने खेतों में अपनाएं और इस ज्ञान को क्षेत्र के अन्य साथी किसानों के साथ भी साझा करें, ताकि आधुनिक कृषि का लाभ राजौरी के पूरे किसान समुदाय तक पहुँच सके।
📈 उत्पादकता और आय बढ़ाना मुख्य लक्ष्य
राजौरी के मुख्य कृषि अधिकारी (CAO) राजेश वर्मा ने इस कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस एक्सपोजर प्रोग्राम का सीधा लक्ष्य किसानों की क्षमता का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि देश की सिद्ध तकनीकों और सफल कृषि प्रणालियों से परिचित होकर हमारे किसान भाई अपनी उत्पादकता (Productivity) बढ़ा सकेंगे, खेती में विविधता ला सकेंगे और अंततः अपनी आय में सुधार कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
स्रोत: जिला कृषि संवर्धन विभाग एवं आत्मा (ATMA) विंग, जिला प्रशासन राजौरी (J&K) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।




