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Global Diplomatic Update (06 July 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपनी बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय यात्रा पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे। इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) में प्रवेश करते ही मेजबान देश के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स ने पीएम मोदी के विमान को चारों ओर से घेरकर भव्य एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा है।
जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पीएम मोदी का आत्मीय स्वागत किया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण दोनों देशों के बीच होने वाली ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील को माना जा रहा है।
📌 पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 🚀 महा-डील की तैयारी: भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की खरीद पर अंतिम मुहर संभव।
- 🛩️ फाइटर जेट एस्कॉर्ट: सीमा पर पहुंचते ही इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम के प्लेन को दी सुरक्षा और सम्मान।
- 🛕 ऐतिहासिक मंदिर का दौरा: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल 9वीं शताब्दी के सबसे बड़े हिंदू मंदिर ‘प्रम्बानन’ जाएंगे पीएम मोदी।
- ⚓ सामरिक सुरक्षा (साबंग पोर्ट): भारत के अंडमान-निकोबार के करीब स्थित इंडोनेशिया के रणनीतिक साबंग पोर्ट के विकास और समुद्री सुरक्षा पर होगी विशेष चर्चा।

🇮🇳 फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया बनेगा ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश!
इस हाई-प्रोफाइल यात्रा का सबसे रणनीतिक एजेंडा डिफेंस सेक्टर से जुड़ा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि इस ₹2,500 करोड़ के रक्षा समझौते पर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के हस्ताक्षर होते हैं, तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया भारत की घातक ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा विदेशी देश बन जाएगा।
क्या है ब्रह्मोस? ब्रह्मोस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ ने मिलकर तैयार किया है। यह वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज और सटीक मार करने वाली ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
🛕 मुस्लिम आबादी वाले देश में ‘राम, गरुड़ और गणेश’ की गहरी छाप
इंडोनेशिया भले ही दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन इसकी सांस्कृतिक जड़ों पर हिंदू और बौद्ध सभ्यता का गहरा प्रभाव है, जो इस यात्रा में भी दिखेगा:
- प्रम्बानन मंदिर का दौरा: पीएम मोदी भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित भव्य प्रम्बानन मंदिर परिसर जाएंगे।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: इंडोनेशिया में आज भी बड़े पैमाने पर रामलीला का मंचन होता है, वहाँ की राष्ट्रीय विमानन कंपनी का नाम ‘गरुड़ एयरलाइन’ है और यहाँ की करेंसी (नोट) पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है।

⚓ चीन की घेराबंदी: भारत के लिए क्यों खास है ‘साबंग पोर्ट’?
इस यात्रा में व्यापार के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) पर भी बड़ा फोकस है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद नजदीक स्थित है। साल 2018 में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस पोर्ट के संयुक्त विकास, लॉजिस्टिक्स सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति बनी थी। इस बार इस प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, जो रणनीतिक रूप से भारत को इस समुद्री मार्ग में बेहद मजबूत स्थिति प्रदान करता है।
स्रोत: विदेश मंत्रालय (MEA), भारत सरकार एवं जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक यात्रा विवरण।




