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National Weather Desk (07 July 2026): देश भर में मानसून पूरी तरह से उग्र हो चुका है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में अगले 24 घंटों के भीतर 300 मिमी (mm) तक अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। नासिक में प्रशासन ने बादल फटने (Cloudburst) की गंभीर आशंका भी जताई है।
मौसम के इस रौद्र रूप को देखते हुए नासिक के सभी स्कूल-कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आज पूरी तरह बंद रखा गया है।
📌 मानसून तबाही की 5 सबसे बड़ी बातें (Key Highlights)
- 🛑 नासिक में रेड अलर्ट: 24 घंटे में 300mm तक बारिश और बादल फटने का खतरा; स्कूल-कॉलेज और प्रमुख मंदिर बंद।
- 🏔️ रत्नागिरी में लैंडस्लाइड: मलबे में मकान ढहा; एक महिला का रेस्क्यू, दो लोगों के दबे होने की आशंका।
- 🌊 उत्तर प्रदेश हाई अलर्ट: प्रयागराज-वाराणसी समेत सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट; पीलीभीत में रिहायशी इलाके में घुसा मगरमच्छ।
- 🚜 एमपी में नदियां उफान पर: बालाघाट में नदी के तेज बहाव में क्रेन और मशीनें बहीं; डिंडौरी में नर्मदा का जलस्तर बढ़ा।
- ⚡ बिहार में मानसून का यू-टर्न: अगले 7 दिनों तक पूरे राज्य में झमाझम और भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी।

🏔️ पहाड़ से लेकर मैदान तक हाहाकार: राज्यों का हाल
1. महाराष्ट्र: पालघर और रत्नागिरी में बाढ़ जैसे हालात
पालघर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण वसई-विरार और नालासोपारा के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे रेल यात्रियों को स्टेशनों तक पहुंचने में भारी किल्लत हो रही है। उधर रत्नागिरी के शेलारवाड़ी में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के चलते एक मकान का हिस्सा ढह गया, जहां दो लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गिरे बड़े-बड़े पत्थरों को जेसीबी की मदद से हटाया गया है।
2. जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड: अचानक आई बाढ़ (Flash Floods)
जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से रिहायशी इलाकों में पानी, पत्थर और मलबा घुस गया है। कई गाड़ियां और मकान मलबे में फंस गए हैं। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर सहित 6 जिलों में भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
3. राजस्थान और हरियाणा: हाईवे डूबे, कारें फंसीं
राजस्थान के जोधपुर, पाली और बाड़मेर में 3 इंच तक पानी बरसने से हाईवे नदियों में तब्दील हो गए हैं, जबकि झुंझुनूं में कारें पानी में डूब गईं। हरियाणा के 7 जिलों (पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर आदि) में मानसून पूरी तरह एक्टिव है और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

📊 आगामी 48 घंटों का मौसम पूर्वानुमान (8 – 9 जुलाई 2026)
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक देश के पूर्वी और तटीय इलाकों में खतरा और बढ़ने वाला है:
| तारीख (Date) | रेड अलर्ट (Red Alert) वाले राज्य | ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) वाले राज्य | मुख्य प्रभाव क्षेत्र |
| 8 जुलाई | पश्चिम बंगाल (2 जिले), ओडिशा (5 जिले) | ओडिशा (8 जिले), उत्तर प्रदेश (22 जिले) | तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और भारी जलजमाव। |
| 9 जुलाई | – | सिक्किम, गोवा, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक | समुद्र तटीय इलाकों में ऊंची लहरें और भारी बौछारें। |
🧠 वेबसाइट स्पेशल: ग्राफिक्स से समझिए कैसे फटते हैं बादल?
नासिक में बादल फटने की चेतावनी के बाद लोग डरे हुए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह भौगोलिक घटना आखिर होती कैसे है:
क्या होता है बादल फटना (Cloudburst)?
जब हवा में नमी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और गर्म हवा के झोंके बादलों को ऊपर की तरफ धकेलते हैं, तो बादलों का घनत्व (Density) अचानक बहुत बढ़ जाता है। जब ये भारी बादल किसी ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र या ठंडी हवा के संपर्क में आते हैं, तो ये आपस में फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति में, एक सीमित दायरे (लगभग 20-30 वर्ग किलोमीटर) में प्रति घंटा 100 मिमी या उससे अधिक की रफ्तार से अचानक मूसलाधार बारिश होने लगती है। इसे ही आम भाषा में ‘बादल फटना’ कहते हैं, जो पल भर में तबाही ला देता है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) राज्य नियंत्रण कक्ष एवं स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा जारी बुलेटिन।




