भोपाल में बड़ा फर्जीवाड़ा: करणी सेना का फर्जी नेता बन नगर निगम में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी; जॉइनिंग लेटर लेकर दफ्तर पहुंचे युवक के उड़े होश, आरोपी गिरफ्तार

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Bhopal Crime Desk (08 July 2026): राजधानी भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष बताने वाले एक शातिर जालसाज ने नगर निगम सहित विभिन्न विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर अब तक कम से कम छह युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने मोटी रकम ऐंठने के बाद युवाओं को बकायदा सरकारी मुहर लगे फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Joining Letters) तक थमा दिए।

बुधवार को कमला नगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

📌 इस बड़े फर्जीवाड़े की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 👮 गिरफ्तार आरोपी: आशु कुमार, निवासी- कोटरा (भोपाल)। खुद को बताता था करणी सेना का बड़ा पदाधिकारी।
  • 💼 क्या झांसा दिया?: नगर निगम भोपाल में एलडीसी (LDC/लोअर डिवीजन क्लर्क) समेत अन्य सरकारी पदों पर सीधी भर्ती का दावा।
  • 💰 कितनी की ठगी?: अकेले फरियादी पवन कुमार से ₹3 लाख ऐंठे, कुल 6 पीड़ितों से लाखों की ठगी का अनुमान।
  • 📄 कैसे खुला राज?: ठगी का शिकार हुआ युवक जब फर्जी जॉइनिंग लेटर लेकर ड्यूटी जॉइन करने नगर निगम कार्यालय पहुंचा, तब अफसरों ने इसे जाली बताया।

🏛️ नगर निगम दफ्तर पहुंचते ही खुला राज; ₹3 लाख में बेचा था एलडीसी का पद

कमला नगर थाना पुलिस के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पीड़ित छात्र पवन कुमार ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पवन ने बताया कि कोटरा निवासी आशु कुमार ने खुद को करणी सेना का रसूखदार पूर्व जिला अध्यक्ष बताते हुए उसकी सीधी सेटिंग नगर निगम में होने का दावा किया था। आशु ने पवन को नगर निगम भोपाल में एलडीसी के पद पर पक्की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले में धीरे-धीरे करीब 3 लाख रुपये ऐंठ लिए।

कुछ समय बाद विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने पवन को बाकायदा बंच में एलडीसी पद का नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) भी सौंप दिया। खुश होकर पवन जब जॉइनिंग की औपचारिकताओं के लिए नगर निगम के मुख्य कार्यालय पहुंचा, तो वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने दस्तावेजों को देखते ही कह दिया कि यह पूरी तरह जाली और फर्जी है। इसके बाद पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने पुलिस की शरण ली।

🦅 करणी सेना ने झाड़ा पल्ला: “संगठन में कभी इस नाम का कोई अध्यक्ष नहीं रहा”

पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आरोपी समाज में खुद को करणी सेना का बड़ा पदाधिकारी और रसूखदार नेता बताकर युवाओं और उनके परिजनों का विश्वास जीतता था। लोग उसकी बातों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई उसके हवाले कर देते थे।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद करणी सेना के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष योगेंद्र सिंह देवड़ा ने संगठन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि:

“संगठन की जिला इकाई में आशु कुमार नाम का कोई भी व्यक्ति कभी भी जिला अध्यक्ष या किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं रहा है। वह संगठन के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस को उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।”

📱 कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच शुरू, बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या

कमला नगर थाना पुलिस ने आरोपी आशु कुमार को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में अब तक छह पीड़ित सामने आ चुके हैं, जिनसे इसी तरह नौकरी के नाम पर पैसे ऐंठे गए हैं। पुलिस को आशंका है कि जांच के आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और ठगी का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है।

वर्तमान में पुलिस आरोपी के बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, उसके मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले उसके अन्य साथियों (यदि कोई हो) की तलाश में जुटी है।

स्रोतः कमला नगर थाना पुलिस, भोपाल सिटी सर्कल एवं करणी सेना जिला इकाई द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य।

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