विदिशा। विदिशा जिले के प्रसिद्ध मानौरा धाम में गुरुवार को आयोजित भगवान जगदीश स्वामी की ऐतिहासिक रथयात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब 5 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान जगदीश स्वामी, बलदाऊ और सुभद्रा के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मानौरा-विदिशा और सागर हाईवे पर करीब 15 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया।
22 फीट ऊंचे रथ पर निकले भगवान
169 साल पुराने भगवान जगदीश स्वामी मंदिर से सुबह भगवान जगदीश, बलदाऊ और सुभद्रा 22 फीट ऊंचे भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। पूरा मानौरा धाम ‘जय जगन्नाथ’ और ‘जय जगदीश’ के जयघोष से गूंज उठा। सुबह 7 बजे रथ मुख्य चौक पहुंचते ही भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति भी बन गई।

15 किलोमीटर लंबा जाम, खेतों से निकाले वाहन
ड्रोन कैमरों में मानौरा से ग्यारसपुर और अटारीखेजड़ा तक सड़कें श्रद्धालुओं और वाहनों से पूरी तरह भरी नजर आईं। भारी भीड़ के कारण दिनभर 10 से अधिक बार जाम लगा। कई जगह लोगों ने जाम से बचने के लिए अपनी गाड़ियां खेतों के रास्ते निकालनी पड़ीं।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
महाजाम को नियंत्रित करने के लिए एसपी रोहित काशवानी और एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे स्वयं सड़कों पर उतरे। विदिशा की ओर से आने वाले वाहनों को पीपलखेड़ी में ही रोक दिया गया। प्रशासन के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।

70 बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाया
भीड़ के बीच पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए 70 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया। वहीं एसडीएम शशि मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कहीं अधिक रही।
10 घंटे बाद जनकपुरी पहुंचा रथ
सुबह 7 बजे यात्रा शुरू होने के बाद भगवान का रथ शाम करीब 5 बजे जनकपुरी पहुंचा। लगभग 10 घंटे तक चली इस ऐतिहासिक रथयात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।





