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विदिशा ब्यूरो डेस्क (22 जुलाई 2026): मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के नाम पर अधिकारियों के कथित दबाव और प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और सरपंच बुधवार को जिला मुख्यालय पर एकजुट हो गए। तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि घोघरा ग्राम पंचायत के सचिव की सड़क दुर्घटना में हुई दुखद मौत अधिकारियों द्वारा बनाए जा रहे मानसिक तनाव और अनुचित दबाव का ही परिणाम है।
📌 विदिशा प्रदर्शन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 🪧 संयुक्त आंदोलन: पंचायत सचिव संगठन, रोजगार सहायक संघ और सरपंच संघ का जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन।
- 🕯️ दर्दनाक हादसा: घोघरा सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की शिकायत का निराकरण कर लौटते वक्त सड़क हादसे में मौत।
- ⚖️ प्रमुख मांगें: सचिव की मौत की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता।
- 🛑 चेतावनी: सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा प्रणाली में सुधार न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान।

🚨 ‘अधिकारियों के दबाव ने ली सचिव की जान’: साथियों का दर्दनाक आरोप
प्रदर्शनकारियों ने घोघरा ग्राम पंचायत के दिवंगत सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की मृत्यु को केवल एक दुर्घटना न मानकर प्रशासनिक प्रताड़ना का नतीजा बताया:
घटनाक्रम: कर्मचारियों के अनुसार, मृतक सचिव राम सिंह अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बाद सीएम हेल्पलाइन शिकायत का निराकरण कराने देर रात शिकायतकर्ता के घर गए थे। शिकायत का समाधान कराकर और अधिकारियों को सूचना देकर लौटते समय रास्ते में सड़क हादसे का शिकार हो गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
🛑 ‘हर हाल में बंद कराओ शिकायत’: मानसिक तनाव में काम करने को मजबूर कर्मचारी
संगठनों ने आरोप लगाया कि जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को “संतुष्टिपूर्वक बंद (Force Close)” कराने के लिए भारी दबाव बनाया जाता है:
- कार्रवाई की धमकी: पंचायत कर्मचारियों को दिन-रात शिकायतकर्ताओं के घर-घर भेजा जाता है। शिकायत बंद न होने पर निलंबन और वेतन रोकने जैसी विभागीय कार्रवाई की धमकियां दी जाती हैं।
- जिला पंचायत CEO की कार्यप्रणाली पर सवाल: प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत सीईओ ओमप्रकाश सनोडिया की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में मांग-आधारित (Demand-Based) शिकायतों को नियमनुसार बंद कर दिया जाता है, लेकिन विदिशा में ऐसा न करके केवल कर्मचारियों पर ही सारा बोझ और दबाव डाल दिया जाता है।

📋 ‘अन्य विभागों का बोझ भी पंचायत के कंधे पर’: 6 सूत्रीय ज्ञापन में उठाई मांगें
कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा कि पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों से अन्य विभागों की योजनाओं का काम भी जबरन कराया जा रहा है, जिससे वे लगातार तनाव में हैं:
🎯 प्रमुख मांगें:
- ⚖️ दिवंगत सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की मौत की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- 💼 पीड़ित परिवार को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति और समुचित आर्थिक सहायता दी जाए।
- 🛑 सीएम हेल्पलाइन समीक्षा के नाम पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- 🔄 विदिशा जिले में भी अन्य जिलों की तर्ज पर मांग-आधारित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था लागू हो।
- 📂 पंचायत कर्मचारियों से केवल उनके मूल विभाग का ही कार्य कराया जाए।




