कुबेरेश्वरधाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य शुभारंभ: पहले दिन पहुंचे 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु; 29 जुलाई को होगा गुरु दीक्षा समारोह

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स्पिरिचुअल डेस्क (24 जुलाई 2026): मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र कुबेरेश्वरधाम (चितावलिया हेमा) में शुक्रवार से छह दिवसीय भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव का धर्ममय आगाज हो गया है। महोत्सव के पहले ही दिन देश के कोने-कोने से 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु कथा श्रवण और कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन के लिए धाम पहुंचे।

24 से 28 जुलाई तक चलने वाली संगीतमय शिव महापुराण कथा और 29 जुलाई को आयोजित होने वाले एक दिवसीय विशाल गुरु दीक्षा महोत्सव में कुल 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

📌 गुरु पूर्णिमा महोत्सव: मुख्य आकर्षण (Key Highlights)

  • 🗓️ आयोजन अवधि: 24 जुलाई से 29 जुलाई 2026 (छह दिवसीय महाकुंभ)।
  • 👥 प्रथम दिवस की उपस्थिति: 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु; 10 क्विंटल से अधिक नुक्ति (प्रसाद) का वितरण।
  • 🎓 अनूठी सेवा: हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक के IT व कॉलेज छात्रों ने धोए श्रद्धालुओं के जूठे बर्तन।
  • 🍱 विशाल अन्नक्षेत्र: 5 एकड़ से अधिक भूमि पर अनवरत भोजन प्रसादी वितरण की व्यवस्था।
  • 🤝 सेवादारों का समर्पण: देशभर से पहुंचे 5,000 से अधिक सेवादार संभाल रहे हैं व्यवस्थाएं।

🎙️ पंडित प्रदीप मिश्रा का पावन संदेश: “गुरु पर नहीं, गुरु के वचनों पर पूर्ण विश्वास करो”

शिव महापुराण के प्रथम दिवस अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप जी मिश्रा ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:

“गुरु पर अंधा भरोसा मत करो, लेकिन गुरु के मुख से निकले शब्दों और वचनों पर पूर्ण विश्वास रखो। शिव महापुराण कोई साधारण पोथी नहीं है, इसका प्रत्येक अंश जीवन को बदलने की शक्ति रखता है। भक्ति सरल हो सकती है, लेकिन सच्चा विश्वास करना सबसे कठिन होता है। जब भक्त संकट की घड़ी में सच्चे मन से महादेव को पुकारता है, तो भगवान उसकी रक्षा अवश्य करते हैं।”

द्रौपदी चीरहरण का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के हर संकट में भगवान का स्मरण और अटूट विश्वास ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। कथा के दौरान पंडित मिश्रा द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

🎓 सेवा की मिसाल: IT और विभिन्न राज्यों के छात्र धो रहे हैं श्रद्धालुओं की जूठी पत्तलें

कुबेरेश्वरधाम में इस बार सेवा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए IT प्रोफेशन्स और शिक्षण संस्थानों के युवा विद्यार्थी निस्वार्थ भाव से सेवा में जुटे हैं:

  • निस्वार्थ भाव: ये युवा श्रद्धालु कथा में आने वाले लाखों भक्तों के जूठे बर्तन साफ करने, झाड़ू लगाने और भोजन प्रसादी बांटने में पूरे उत्साह से लगे हुए हैं, जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है।

🍱 5 एकड़ में फैला भोजन पंडाल, 5 हजार सेवादार संभाले हैं कमान

विठलेश सेवा समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं:

  • भोजन प्रसादी: करीब 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आधुनिक भोजनशाला बनाई गई है, जहाँ पहले दिन ही 10 क्विंटल से अधिक नुक्ति (प्रसाद) और नि:शुल्क भोजन प्रसादी बांटी गई।
  • पंडित राघव मिश्रा के भजन: कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने भी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी और कहा कि गुरु, माता-पिता और ईश्वर ही जीवन के ऐसे आधार हैं जहाँ आकर मनुष्य के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

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