NEET पेपर लीक विवाद: 36 दिनों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा | CJP और GenZ का जंतर-मंतर पर जश्न

0
18

drnewsindia.com 

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले में लगातार बढ़ते दबाव और जंतर-मंतर पर 36 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 2014 के बाद मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में विरोध-प्रदर्शनों के चलते इस्तीफा देने वाले वे पहले केंद्रीय मंत्री बन गए हैं।

📌 इस्तीफे की चिट्ठी: ‘युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश’

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों और 575 शब्दों का अपना इस्तीफा पत्र शेयर किया। अपने पत्र में उन्होंने कई मुद्दों का जिक्र करने के साथ-साथ दो जगह यह बात प्रमुखता से लिखी कि “युवाओं को भ्रमित किया गया है।”

💥 जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

“वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”

अभिजीत दीपके (प्रमुख, कॉकरोच जनता पार्टी)

इस्तीफे की खबर मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर घुटनों के बल बैठकर जीत की खुशी मनाते दिखे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है।

  • दो प्रमुख नई मांगें:
    1. 🕯️ NEET विवाद के कारण सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा मिले।
    2. 👮‍♂️ प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

🏛️ मोहन भागवत का बयान और इस्तीफे की टाइमिंग

शनिवार सुबह दिल्ली में RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान के तुरंत बाद यह इस्तीफा सामने आया। भागवत ने कहा था:

  • “हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे—ऐसा नहीं हो सकता।”
  • “आज की नई पीढ़ी सवाल पूछती है। हमें आदेश देने के बजाय उनसे संवाद करना चाहिए और हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए।”

⚡ 48 घंटे के भीतर सरकार के 3 बड़े फैसले

क्रमप्रशासनिक कार्रवाई
1.शिक्षा मंत्रालय के दो वरिष्ठ सचिवों का तबादला।
2.NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी और आपराधिक केस दर्ज करने के निर्देश।
3.शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा

📜 29 साल पुराना इतिहास: कभी खुद हुए थे लाठीचार्ज का शिकार

dil दिलचस्प बात यह है कि 1997 में ओडिशा में जब एक पेपर लीक हुआ था, तब धर्मेंद्र प्रधान छात्र नेता के रूप में 1,500 छात्रों के साथ सड़कों पर उतरे थे। उस दौरान हुए लाठीचार्ज में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। आज 29 साल बाद, वे खुद उसी पेपर लीक के मुद्दे पर पद छोड़ने को मजबूर हुए।

⚖️ क्या कहता है देश का नया ‘नकल विरोधी कानून’?

21 जून 2024 को लागू हुए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत:

  • गैर-जमानती अपराध: पेपर लीक, OMR शीट में गड़बड़ी या फर्जी वेबसाइट बनाना सख्त अपराध है।
  • सजा और जुर्माना:
    • व्यक्तिगत रूप से दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माना
    • यदि परीक्षा कराने वाली एजेंसी या मैनेजमेंट शामिल हो, तो 3 से 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ का जुर्माना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here