मैहर के सरकारी स्कूल में विवाद: 11वीं-12वीं के छात्रों को ‘A’ सर्टिफाइड फिल्म दिखाने का आरोप, CM हेल्पलाइन में शिकायत

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drnewsindia.com / मैहर | डिजिटल डेस्क

मैहर जिले के अमरपाटन विकासखंड स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, कठहा से एक विवादित मामला सामने आया है। स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा ‘A’ (Adult/एडल्ट) श्रेणी में प्रमाणित फिल्म दिखाए जाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद बीईओ (BEO) को जांच सौंपी गई है।

📌 मामले की मुख्य बातें (Highlights)

  • घटना स्थल: शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल कठहा (अमरपाटन, जिला मैहर)
  • आरोप: नाबालिग स्कूली छात्रों को प्रोजेक्टर पर ‘A’ सर्टिफाइड फिल्म दिखाना
  • आरोपी शिक्षक: अतिथि शिक्षक हंसराज पटेल
  • शिकायत: सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में मामला दर्ज
  • कार्रवाई: ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को सौंपी गई जांच

📽️ जुलाई के अंतिम दिन प्रोजेक्टर पर दिखाई गई फिल्म

शिकायत के अनुसार, जुलाई माह के अंतिम दिन स्कूल परिसर में प्रोजेक्टर के माध्यम से 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को यह फिल्म दिखाई गई थी। आरोप है कि इस फिल्म प्रदर्शन का पूरा इंतजाम अतिथि शिक्षक हंसराज पटेल ने किया था।

शिकायतकर्ता का दावा है कि फिल्म शुरू होने से पहले ही डिस्क्लेमर (Disclaimer) में स्पष्ट लिखा था कि “यह फिल्म 18 वर्ष से कम आयु के दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं है”, फिर भी नियमों को ताक पर रखकर नाबालिग छात्रों को यह फिल्म दिखाई गई।

🚫 बिना प्राचार्य की अनुमति के प्रदर्शन का आरोप

शासकीय नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी स्कूल में कोई फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या ऑडियो-विजुअल कंटेंट दिखाने से पहले प्राचार्य और शिक्षा विभाग की लिखित अनुमति आवश्यक होती है।

विभागीय नियमों का उल्लंघन: आरोप है कि इस आयोजन के लिए न तो प्राचार्य से कोई अनुमति ली गई थी और न ही जिला शिक्षा विभाग को इसकी सूचना दी गई थी। यदि जांच में ये आरोप सच साबित होते हैं, तो इसे विभागीय नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जा सकती है।

🔍 बीईओ को सौंपी गई जांच

मामला गरमाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। बीईओ (Block Education Officer) को इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

💬 आपकी राय

स्कूलों में इस तरह के कंटेंट प्रदर्शन पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में लिखकर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें और अपडेट्स के लिए खबर को शेयर करें!

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