नागपुर | DRNewsIndia
इथेनॉल मिश्रित ई20 पेट्रोल को लेकर महाराष्ट्र के नागपुर में युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने रास्ते में रोककर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन की शुरुआत महल क्षेत्र स्थित चिंतामणि पार्क चौक से हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने ई20 ईंधन नीति के विरोध में नारेबाजी करते हुए सामान्य पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
युवा कांग्रेस ने क्या कहा?
युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ई20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका दावा है कि विशेष रूप से पुराने वाहनों के उपयोगकर्ताओं को इससे परेशानी हो सकती है। संगठन ने मांग की कि उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने उठाए सवाल
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने ई20 नीति पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के खिलाफ कार्रवाई
इस बीच नागपुर साइबर पुलिस ने ई20 ईंधन को लेकर कथित भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है।

क्या है ई20 ईंधन?
ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार इसे आयातित तेल पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है। वहीं, कुछ संगठनों और वाहन उपयोगकर्ताओं ने पुराने वाहनों की अनुकूलता को लेकर चिंताएं जताई हैं।





