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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है। भारत में अगले साल अप्रैल-मई के बीच पॉलीमर (प्लास्टिक) के करेंसी नोट लॉन्च किए जाएंगे।
शुरुआत में कम मूल्यवर्ग वाले नोटों (जैसे ₹10, ₹20 और ₹50) के पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे, क्योंकि बाजार में इनका सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।
❓ सवाल-जवाब: पॉलीमर नोट से जुड़े सभी अहम सवाल
1. पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही है?
पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म की प्लास्टिक शीट (पॉलीमर सबस्ट्रेट) पर छापे जाते हैं।
- लंबी उम्र: ये पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते नहीं हैं।
- नकली नोटों पर लगाम: इन पर एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग असंभव हो जाएगा।
- छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं। FY25 में RBI ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे समय तक चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का सरकारी खर्च काफी घटेगा।
2. क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
बिल्कुल नहीं। RBI और सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- सह-अस्तित्व (Co-existence): बाजार में पॉलीमर और कागजी दोनों तरह के नोट एक साथ वैध रहेंगे।
- चरणबद्ध बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे अलग-अलग चरणों (Phased manner) में किया जाएगा।

3. दुनिया के किन देशों में चलते हैं प्लास्टिक नोट?
विश्व के 60 से अधिक देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स का सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (UK) और न्यूजीलैंड जैसे देश पिछले 30 से अधिक वर्षों से प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

📜 भारत में कब-कब हुआ नोटों में बड़ा बदलाव?
भारत के इतिहास में अब तक बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने के मुख्य फैसले:
| वर्ष / समय | किस सरकार में | क्या निर्णय लिया गया? | मुख्य उद्देश्य |
| जनवरी 1946 | ब्रिटिश शासन | ₹500, ₹1,000 और ₹10,000 के नोट बंद किए गए। | काला धन और अवैध कमाई बाहर निकालना। |
| जनवरी 1978 | मोरारजी देसाई सरकार | ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट बंद किए गए। | चुनावों में काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना। |
| 8 नवंबर 2016 | नरेंद्र मोदी सरकार | ₹500 और ₹1,000 के नोट रातों-रात अमान्य घोषित। (बाद में ₹500 का नया नोट और ₹2,000 का नोट जारी किया गया) | जाली नोटों और काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक। |
| मई 2023 | RBI (क्लीन नोट पॉलिसी) | ₹2,000 के नोटों को सर्कुलेशन से वापस लेने का फैसला। | बाजार से उच्च मूल्यवर्ग के नोटों को व्यवस्थित रूप से वापस लेना। |
💡 मुख्य बात: पॉलीमर नोट आने से छोटे नोट गंदे या फटे-पुराने नहीं होंगे, जिससे आम जनता को रोजमर्रा के लेनदेन में सहूलियत होगी।




