मध्यप्रदेश में बारिश का कहर: राजगढ़ में नाले में बही कार, 3 बच्चों समेत 9 की मौत; सीहोर-भोपाल में बाढ़ जैसे हालात

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राजगढ़, सीहोर, भोपाल, रायसेन और गुना में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित; कई गांवों का संपर्क टूटा, सड़कें बनीं तालाब, स्कूल बंद; नदियां-नाले उफान पर

drnewsindia.com/भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ने सोमवार को कई जिलों में अपना रौद्र रूप दिखाया। राजगढ़, सीहोर, भोपाल, रायसेन, गुना और अशोकनगर में हुई तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया, जबकि सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। इसी बीच राजगढ़ के सारंगपुर में बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें ईको वैन नाले में बहने से तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई।

राजगढ़ में नाले में बही ईको वैन, 9 की मौत

सारंगपुर में पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे ईको वैन बह गई। वाहन में सवार लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के रहने वाले थे और कड़लावद गांव जा रहे थे।

पड़ाना के पास करीब 30 फीट लंबा पुल निर्माणाधीन है। तेज बारिश के कारण नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। बताया गया कि पानी में अधूरा पुल दिखाई नहीं देने के कारण कार आगे बढ़ गई और तेज बहाव में नाले में जा गिरी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों ने चालक को रोकने की कोशिश भी की थी और आगे पानी भरा होने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद वाहन आगे बढ़ाया गया। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि दो युवक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे।

प्रशासन ने SDERF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया और क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

सीहोर में 8.27 इंच बारिश, गांवों में घुसा पानी

सीहोर जिले में भी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। श्यामपुर में सबसे ज्यादा 8.27 इंच, सीहोर में 6.69 इंच, रेहटी में 4.67, बुधनी में 4.09 और भैरूंदा में 3.23 इंच बारिश हुई।

श्यामपुर, झरखेड़ा, चरनाल, छतरी, अहमदपुर, सौंठी, वनखेड़ा सहित कई गांवों में पानी भर गया। कई मकानों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। छापरी-दोराहा और वनखेड़ा में कच्चे मकानों के गिरने की सूचना भी सामने आई है।

सीवन नदी और सीटू नाले का पानी पुलों के ऊपर पहुंच गया। कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। चरनाल में तेज बहाव में पिकअप और ट्रैक्टर फंस गए, जिन्हें ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से बाहर निकाला।

सीहोर में गर्भवती महिला का रेस्क्यू

जमनी पड़ली गांव में बारिश और जलभराव के कारण एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो रही थी। सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी। होमगार्ड की रेस्क्यू बोट की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

एसडीएम तन्मय वर्मा ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

भोपाल में 7 इंच बारिश, 50 से ज्यादा कॉलोनियां जलमग्न

राजधानी भोपाल में भी लंबे समय बाद हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्था की परीक्षा ले ली। पिछले 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई। पुराने शहर सहित 50 से ज्यादा इलाकों में जलभराव हो गया।

VIP रोड और मिनाल क्षेत्र की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। बैरसिया रोड पर आवागमन प्रभावित हुआ। कोलार रोड, नारियलखेड़ा, करोंद, गांधी नगर, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड और बैरागढ़ समेत कई इलाकों में पानी भर गया।

हालांकि लगातार बारिश से राजधानी के जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। कलियासोत डैम में करीब 1 फीट, केरवा में 3 फीट और कोलार डैम में करीब 1 फीट पानी बढ़ा है।

रायसेन में घोड़ा पछाड़ नदी उफान पर

रायसेन के दीवानगंज क्षेत्र में रातभर हुई बारिश के बाद घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। मुस्काबाद और ग्राम सत्ती के बीच नदी का पानी पुल से करीब 8 फीट ऊपर बहने लगा। इसके कारण करीब एक दर्जन गांवों का हाईवे से संपर्क टूट गया।

प्रशासन ने पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी है और लोगों से उफनती नदी-नालों को पार नहीं करने की अपील की है। करीब 20 दिन बाद हुई तेज बारिश से किसानों को राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या बढ़ गई है।

राजगढ़ में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंद

राजगढ़ जिले में रातभर हुई बारिश के बाद सोमवार को भी तेज बारिश जारी रही। खुजनेर के पास चिल्डावनिया में सड़क पर पानी भरने से एक कार फंस गई। जिले में लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नर्सरी से 12वीं तक के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित किया।

मौसम केंद्र ने राजगढ़ सहित कई जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में राजगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

गुना में 8 घंटे में दो इंच से ज्यादा बारिश

गुना जिले में रविवार को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। करीब आठ घंटे में दो इंच से ज्यादा पानी गिरा। झागर क्षेत्र में भौंरा नदी उफान पर आ गई और पुल के ऊपर से पानी बहने लगा।

गुना, आरोन और बमोरी तहसीलों में अब तक बारिश अपेक्षाकृत कम रही थी। तेज बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को राहत मिली है। मौसम सिस्टम के प्रभाव से जिले में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।

अशोकनगर में 24 घंटे में 48.5 मिमी बारिश

अशोकनगर जिले में रविवार सुबह से सोमवार सुबह तक 24 घंटे में 48.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मुंगावली में सबसे ज्यादा 78 मिलीमीटर, चंदेरी में 47, ईसागढ़ में 40 और अशोकनगर में 29 मिलीमीटर बारिश हुई।

जिले में अब तक सीजन में 411 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को भी मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया है।

बारिश बनी राहत भी और आफत भी

मध्यप्रदेश के इन जिलों में हुई बारिश ने जहां लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसानों को राहत दी है, वहीं नदी-नालों में बढ़े जलस्तर ने खतरा भी बढ़ा दिया है। कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है।

राजगढ़ की घटना ने एक बार फिर उफनते नदी-नालों और निर्माणाधीन पुलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों, पुल-पुलियों और उफनती नदियों को पार करने का जोखिम न उठाएं।

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