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सूरत (गुजरात): सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) में पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने सीनियर डॉक्टरों की रैगिंग और टॉर्चर से परेशान होकर रविवार को आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
🚨 चार सीनियर सस्पेंड, पुलिस में दर्ज हुई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है:
- सस्पेंशन और बेदखली: आरोपी सीनियर डॉक्टरों—अनुज महेश्वरी, दीक्षित धेवरिया, निराली वसावे और हिनाबेन भूत—को 6 महीने के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है तथा हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है।
- पुलिस कार्रवाई: कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है।
- फैकल्टी पर एक्शन: विभागाध्यक्ष (HOD) और तीन फैकल्टी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

🚪 कमरे का दरवाजा अंदर से था बंद, पंखे से लटका मिला शव
मृतक डॉक्टर हर्ष पंड्या गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से जुड़े न्यू सिविल हॉस्पिटल के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में कार्यरत थे।
रविवार सुबह जब उनसे संपर्क नहीं हो सका, तो साथी डॉक्टर हॉस्टल के रूम नंबर 1004 के बाहर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो सिक्योरिटी स्टाफ की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर हर्ष का शव पंखे से लटका हुआ मिला। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

🔍 8 घंटे चली पूछताछ में सामने आई खौफनाक सच्चाई
परिवार द्वारा लगाए गए रैगिंग के आरोपों के बाद कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने संयुक्त जांच शुरू की।
- टॉर्चर का खुलासा: तीनों टीमों ने लगातार 8 घंटे तक फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपी सीनियर्स कनिष्ठ छात्रों को कमरों में बंद रखकर घंटों शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, गालियां देते थे और मारपीट करते थे।
- प्रशासनिक लापरवाही: जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि घटना से पहले भी शिक्षकों से रैगिंग की शिकायत की गई थी। अब इस बात की जांच की जा रही है कि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।




