drnewsindia.com / आष्टा | समाचार नेटवर्क
सावन के दूसरे सोमवार पर आष्टा शहर और आसपास का पूरा अंचल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। सुबह से हो रही झमाझम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। शहर के प्राचीन शंकर मंदिर सहित तमाम शिवालयों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
विशेष मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 8,000+ श्रद्धालु: प्राचीन शंकर मंदिर में अलसुबह से देर शाम तक दर्शन करने वालों की भीड़ लगी रही।
- बारिश में भी अटूट आस्था: रिमझिम और तेज बारिश के बीच भी भक्त छाता और रैनकोट लेकर कतारों में डटे रहे।
- कांवड़ यात्राओं की धूम: ग्रामीण क्षेत्रों से ढोल-धमाकों और DJ के साथ शहर में कांवड़ यात्राएं पहुंचीं।
- देवबडला में भी उमड़ा जनसैलाब: जावर स्थित प्राचीन देवबडला मंदिर में भी विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुए।

1. प्राचीन शंकर मंदिर में भव्य सजावट और जलाभिषेक
सावन के विशेष अवसर पर शहर के प्राचीन शंकर मंदिर को बेहद आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह तड़के से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे।
भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और दूध-जल अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर समिति द्वारा दिनभर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया।
2. कांवड़ यात्राओं से भक्तिमय हुआ माहौल
आष्टा के आसपास के ग्रामीण अंचलों से पवित्र नदियों का जल लेकर कांवड़ियों के जत्थे शंकर मंदिर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने पूरे शहर का माहौल शिवमय कर दिया। ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा नगर दिनभर गूंजता रहा।

3. प्राचीन तीर्थ देवबडला में पुरातत्व विभाग का नया कार्य
आष्टा ब्लॉक के जावर के पास स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देवबडला में भी सावन के दूसरे सोमवार पर हजारों भक्तों ने माथा टेका।
पर्यटन को मिलेगी गति:
देवबडला मंदिर परिसर में वर्तमान में पुरातत्व विभाग द्वारा सौंदर्यकरण और जीर्णोद्धार का नवीन कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह स्थल क्षेत्र के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।





