drnewsindia.com / सीहोर | सावन मास की पावन शिवरात्रि के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज के आह्वान पर पूरे विश्व में शिवभक्ति की अभूतपूर्व लहर देखने को मिली। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में श्रद्धालुओं ने अपने घरों, मंदिरों और शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर महाभिषेक किया। आयोजकों के अनुसार, इस दिव्य अनुष्ठान में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 82 करोड़ से अधिक सनातन धर्मशास्त्रियों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
🛕 कुबेरेश्वर धाम में 70 हज़ार श्रद्धालुओं का भव्य सामूहिक अभिषेक
जिला मुख्यालय के समीप स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में महाभिषेक को लेकर विशाल आयोजन किया गया:
- एलईडी पर सीधा प्रसारण: विशाल पंडालों में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन्स के माध्यम से महाभिषेक का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
- विप्रजनों का मार्गदर्शन: विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला के मार्गदर्शन में विप्रजनों ने 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के साथ पार्थिव शिवलिंग का पूजन-अभिषेक सम्पन्न कराया।
- जयकारों से गूंजा धाम: अलसुबह से ही कुबेरेश्वर धाम पर भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।

🌍 अमेरिका से लेकर जापान तक: सात समंदर पार गूंजा ‘हर-हर महादेव’
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने बताया कि इस बार सहभागिता का दायरा ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है:
प्रमुख सहभागी देश:
भारत के अलावा अमेरिका, रूस, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, दुबई, नेपाल और मॉरीशस सहित कई देशों में भारतीय प्रवासियों और शिवभक्तों ने अपने-अपने घरों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर विश्व शांति व कल्याण की कामना की।

💬 “शिवभक्ति देती है मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा” — पंडित प्रदीप मिश्रा
ऑनलाइन महाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा:
महाराज श्री का संदेश:
“भगवान शिव की भक्ति मानव जीवन को सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है। जब पूरे विश्वास और निष्ठा के साथ महादेव का स्मरण किया जाता है, तो जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।”

📱 सोशल मीडिया पर छाया शिवभक्ति का रंग
सावन शिवरात्रि पर सुबह से ही श्रद्धालुओं ने महाभिषेक, पूजन और आरती की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में एक ही समय पर करोड़ों लोगों द्वारा एक साथ आराधना करने के इस अद्भुत डिजिटल जुड़ाव ने सनातन धर्म की आध्यात्मिक एकता का परिचय दिया।





