सीहोर | 4 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीहोर के बढ़िया खेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘सीजी क्रॉम्पटन एंड ग्रीव्स पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड’ की नई पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई के पहले ट्रांसफॉर्मर का औपचारिक रोल-आउट किया।
लगभग 50 एकड़ में फैली यह आधुनिक इकाई एक ही स्थान पर स्थित भारत की सबसे बड़ी पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण सुविधा है।

मात्र 13-14 महीनों में बनकर तैयार हुआ विशाल प्लांट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगस्त 2025 में इस बहुप्रतीक्षित प्लांट का भूमि-पूजन किया था। रिकॉर्ड 13 से 14 महीनों के भीतर निर्माण पूरा कर यहाँ उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है।
सीहोर की यह आधुनिक इकाई देश की तेजी से बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी नई गति प्रदान करेगी।
प्लांट की प्रमुख विशेषताएं और क्षमता
- विशाल क्षेत्र: 50 एकड़ में फैली देश की सबसे बड़ी एकीकृत ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट।
- उत्पादन क्षमता: हर महीने 35 हाई-वोल्टेज पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने की क्षमता।
- हाई-वोल्टेज रेंज: यहाँ 220 KV से लेकर 1200 KV श्रेणी तक के पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे।
- वैश्विक निर्यात: सीहोर में निर्मित ये ट्रांसफॉर्मर देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी सप्लाई किए जाएंगे।
- उपयोग के क्षेत्र: पावर ग्रिड, डेटा सेंटर, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑयल एवं गैस जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में इसका उपयोग होगा।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस विशाल औद्योगिक इकाई के शुरू होने से सीहोर और आसपास के क्षेत्रों का आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा:
- प्रत्यक्ष रोजगार: सीहोर में 2,000 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- अप्रत्यक्ष लाभ: स्थानीय एमएसएमई (MSME), वेंडर नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को नए मौके मिलेंगे।
- औद्योगिक पहचान: हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों के निर्माण से सीहोर और मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि:
सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड पिछले लगभग नौ दशकों (90 वर्षों) से पावर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक अग्रणी नाम है। कंपनी ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इंडक्शन मोटर्स और रेलवे ट्रैक्शन मोटर्स का निर्माण करती है। सीहोर में इस नई यूनिट के चालू होने से कंपनी की पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।




