drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | दोराहा (सीहोर): राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के अंतर्गत दोराहा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में एक भव्य पोषण प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बचाने तथा उनके दैनिक खान-पान में विविधता लाने के लिए ‘तिरंगा थाली’ के सिद्धांतों और पोषण तत्वों के सही संतुलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
🥗 ‘तिरंगा थाली’ और भोजन में विविधता पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के माध्यम से बेहतर पोषण प्राप्त करने के तरीके बताए:
- तिरंगा थाली की अवधारणा: थाली में तीन रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) के खाद्य पदार्थों को शामिल करने का संदेश दिया गया। इसमें केसरिया (गाजर, कद्दू, दालें), सफेद (दूध, दही, चावल) और हरा (हरी पत्तेदार सब्जियां) शामिल हैं, जो शरीर को सभी आवश्यक विटामिन और प्रोटीन्स प्रदान करते हैं।
- भोजन में विविधता: दैनिक आहार में केवल एक तरह के अनाज के बजाय मोटे अनाज (श्री अन्न), दालों, हरी सब्जियों और मौसमी फलों को शामिल करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
👩💼 कार्यक्रम में रही इनकी उपस्थिति
इस जागरूकता कार्यक्रम और पोषण प्रदर्शनी के सफल आयोजन में स्थानीय कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
- संतोष तिवारी
- बिंदा प्रजापति
- ममता जोशी
- लता दांगी
- प्रीति कुशवाहा
सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं, किशोरी बालिकाएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी ने अपने घरों में संतुलित आहार अपनाने और गांव में पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।




