drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | आष्टा (सीहोर): आष्टा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में 14 सितंबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर गाजे-बाजे के साथ भगवान श्री गणेश घर-घर और भव्य पंडालों में विराजमान होंगे। इस बार स्थानीय मूर्तिकारों ने पहली बार 6 से 7 फीट तक की विशाल और मनमोहक प्रतिमाएं तैयार की हैं, जिन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
🎨 पहली बार बनीं 6 से 7 फीट की विशाल प्रतिमाएं; इन रूपों में दिखेंगे बप्पा
शहर में इस वर्ष करीब 5,000 छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं बनकर तैयार हुई हैं। स्थानीय मूर्तिकार दुर्गा पेंटर के अनुसार, इस बार श्रद्धालुओं और समितियों की मांग पर कई विशेष थीम आधारित प्रतिमाएं बनाई गई हैं:
- आकर्षक स्वरूप: शंभू (शिव रूप), राधा-कृष्ण, डांडिया खेलते हुए, मोर पंख पर, कमल के फूल, चूहे पर और झूले पर विराजित गणेश जी की प्रतिमाएं मुख्य आकर्षण हैं।
- विशाल प्रतिमाएं: इस बार 6 से 7 फीट तक की बड़ी प्रतिमाएं बनाई गई हैं। अकेले दुर्गा पेंटर ने करीब 100 से 150 बड़ी प्रतिमाएं तैयार की हैं।
- कीमत और समय: छोटी प्रतिमाओं की कीमत ₹50 से ₹5,000 तक है। एक बड़ी प्रतिमा को ऑर्डर पर तैयार करने में लगभग 8 दिन का समय लगता है।

🌾 ग्रामीण इलाकों में बढ़ा बड़ी प्रतिमाओं का चलन
मूर्तिकारों के अनुसार, इस बार सबसे ज्यादा ऑर्डर ग्रामीण क्षेत्रों से मिले हैं:
- प्रमुख आपूर्तित क्षेत्र: आष्टा में बनी प्रतिमाएं कोठरी, जावर, मेहतवाड़ा, खाचरोद, सिद्धिकगंज, मैना और आसपास के दर्जनों गांवों के पंडालों की शोभा बढ़ाएंगी।
- बदलता ट्रेंड: ग्रामीण इलाकों की गणेश उत्सव समितियों में अब 5 से 7 फीट की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित करने का चलन तेजी से बढ़ा है।

📍 शहर के इन प्रमुख स्थानों पर विराजेंगे ‘विघ्नहर्ता’
गणेश चतुर्थी से पूर्व ही समितियों के पदाधिकारी और श्रद्धालु प्रतिमाएं लेने पहुँच रहे हैं। शहर के प्रमुख क्षेत्रों में गणेश पांडाल सजकर तैयार हैं:
- भोपाल नाका
- पुराना भोपाल-इंदौर मार्ग
- बस स्टैंड व अस्पताल चौराहा
- खत्री मार्केट व बड़ा बाजार
- अलीपुर एवं अन्य प्रमुख कॉलोनियां
सोमवार से शुरू हो रहे इस 10 दिवसीय महाउत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है।




