drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन 2026 का आज (रविवार) दूसरा और अंतिम दिन है। आज सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स सदस्य और पार्टनर देश ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में हिस्सा ले रहे हैं।
सत्र के समापन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र (इजिप्ट), दक्षिण अफ्रीका और बुरुंडी के राष्ट्रपतियों के साथ द्विपक्षीय (Bilateral) बैठकें करेंगे। इसके अलावा PM मोदी नाइजीरिया और युगांडा के उपराष्ट्रपतियों के साथ भी अलग से चर्चा करेंगे।

🤝 10 साझेदार देश भी सम्मेलन में शामिल
इस वर्ष के शिखर सम्मेलन में 10 प्रमुख साझेदार (Partner) देश हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
📜 पहले दिन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ अपनाया गया: मुख्य बिंदु
शनिवार को सम्मेलन के पहले दिन सभी ब्रिक्स सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026’ को स्वीकार किया। घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- कूटनीति और शांति: अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान संवाद, परामर्श और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
- पश्चिम एशिया पर चिंता: मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई।
- आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: ब्रिक्स नेताओं ने पिछले वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और हर तरह के आतंकवाद के खात्मे के लिए अपनी एकजुटता व्यक्त की।

🇮🇳 चौथी बार भारत के पास ब्रिक्स की अध्यक्षता
भारत चौथी बार ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस बार का आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है, जिसके तहत समावेशी वैश्विक विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।




