ग्वालियर: ड्रायफ्रूट समझकर रतनजोत का फल खाने से 10 बच्चे बीमार; 2 की हालत नाजुक, ICU में भर्ती

0
3

drnewsindia.com / ग्वालियर (मध्यप्रदेश) | जिले के मुरार ब्लॉक अंतर्गत सिरसौद गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। भागवत कथा और भंडारे से लौट रहे 10 बच्चों की रतनजोत (बायोडीजल प्लांट) का जहरीला फल खाने से अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने अनजाने में इसे ड्रायफ्रूट (मेवा) समझकर आपस में बांटकर खा लिया था। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

भंडारे से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, सिरसौद गांव के बच्चे शनिवार को गांव में आयोजित भागवत कथा और भंडारे में शामिल होकर घर लौट रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे लगे रतनजोत के पौधे को देखकर बच्चों को लगा कि यह कोई खाने योग्य सूखा मेवा (ड्रायफ्रूट) है। बच्चों ने फल तोड़े और आपस में बांटकर खा लिए।

घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद बच्चों को भीषण पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। एक साथ कई बच्चों की हालत बिगड़ते देख परिजनों में हड़कंप मच गया।

8 बच्चे PICU में, 2 गंभीर ICU में शिफ्ट

परिजनों द्वारा तुरंत बच्चों को मुरार जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH) के कमला राजा अस्पताल रेफर कर दिया गया।

  • कमला राजा अस्पताल (PICU): पूजा (11), आरती (9), दीक्षा (12), प्रवीण (10), दिव्या (8), सुमित (8), गौरव (5) और तनु (9) को पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
  • न्यू JAH (ICU): हरिओम (15) और सेजल (14) की हालत अधिक नाजुक होने के कारण उन्हें न्यू जेएएच के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।
  • गांव से 3 अन्य बच्चों को भी एहतियातन अस्पताल लाए जाने की सूचना है।

परिजनों ने मुरार जिला अस्पताल पर लगाए लापरवाही के आरोप

घटना के बाद बच्चों के परिजनों ने मुरार जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में जब वे गंभीर बच्चों को लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बजाय सीधे रेफर कर दिया। अगर समय रहते मुरार में ही शुरुआती इलाज मिल जाता, तो बच्चों की स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।

डॉक्टरों की अपील: अनजान पेड़-पौधों के फल न खाएं

घटना के बाद जयारोग्य अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों ने ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:

  • बच्चों को जागरूक करें: बच्चों को सख्त हिदायत दें कि वे खेतों या झाड़ियों में उगने वाले किसी भी अनजान पेड़-पौधे के फल, बीज या पत्तियां न खाएं।
  • तत्काल अस्पताल पहुंचे: यदि कोई बच्चा गलती से ऐसा जहरीला फल खा लेता है और उसे उल्टी, दस्त, चक्कर या पेट दर्द की शिकायत होती है, तो बिना समय गंवाए निकटतम अस्पताल ले जाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here