कोलकाता। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब को लेकर मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ने उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट को पार किया है। इसके जमीन की ओर बढ़ने के साथ ही दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही ओडिशा के कई जिलों में मौसम का असर दिखाई देने लगा था। राज्य के छह जिलों को रेड जोन में रखा गया है। इनमें गजपति, कोरापुट, रायगडा, नबरंगपुर, कालाहांडी और गंजाम शामिल हैं। इन जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।
चक्रवात के बाद बढ़ी बारिश की तीव्रता
मौसम विभाग के अधिकारी के अनुसार, ओडिशा में मंगलवार से ही बारिश का दौर जारी था। हालांकि चक्रवात के लैंडफॉल के बाद बारिश की तीव्रता में और बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास तौर पर दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान सुबह 8:30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में 230 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह इस अवधि में राज्य में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश रही। इसी जिले के जयपुर में 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। इतनी अधिक बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश के कारण पहले से ही प्रभावित इलाकों में जमीन की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। खासकर पहाड़ी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर पानी तेजी से जमा होने या बहाव बढ़ने की संभावना रहती है। प्रशासन की ओर से ऐसे इलाकों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
चक्रवात के तट पार करने के बाद भी मौसम पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। इसलिए प्रभावित जिलों में लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन के अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। विशेष रूप से भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जाती है।
मछुआरों और समुद्र से जुड़े काम करने वाले लोगों के लिए भी चक्रवाती मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने पर ध्यान देना चाहिए।
कुल मिलाकर, चक्रवात अर्नब के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट को पार करने के बाद दोनों राज्यों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। ओडिशा के छह जिलों को रेड जोन में रखा गया है, जबकि कोरापुट के सेमिलीगुडा में 24 घंटे में 230 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जयपुर में भी 161 मिमी बारिश हुई। ऐसे में आने वाले घंटों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति पर IMD और स्थानीय प्रशासन की नजर बनी रहेगी।




