गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के बीनागंज में भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर असहज स्थिति बन गई। सोमवार शाम सेवा संकल्प अभियान के तहत वाराणसी से बड़नगर की ओर जा रही जन सेवा यात्रा बीनागंज पहुंची थी। यात्रा के स्वागत के लिए उत्कृष्ट विद्यालय में खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के बीच बैठने की व्यवस्था को लेकर स्थिति चर्चा में आ गई।
मंडल अध्यक्ष को कुर्सी नहीं मिलने पर विधायक ने जताई नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़, जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह, किसान मोर्चा महामंत्री रामसेवक मीना सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान मंडल अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह मीना मंच पर खड़े थे।
रिपोर्टों के अनुसार, विधायक प्रियंका मीना कार्यक्रम में पहुंचीं और मंडल अध्यक्ष को खड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद नेताओं से सवाल किया कि मंडल अध्यक्ष को बैठने के लिए जगह क्यों नहीं दी गई। इस पर जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह ने जवाब दिया कि उन्हें बैठने से किसी ने मना नहीं किया है।
नेताओं ने क्या कहा?
घटना के बाद इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विधायक प्रियंका मीना ने कहा कि उन्होंने मंडल अध्यक्ष को कुर्सी देकर बैठाने के लिए कहा था और इसी बात के बाद सभी लोग मंच से नीचे आकर बैठ गए। उनके अनुसार, कार्यक्रम में खेल गतिविधियां भी होनी थीं, इसलिए मंच की व्यवस्था के बजाय नीचे बैठने का फैसला हुआ।
वहीं भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह ने मामले को विवाद के रूप में देखने से इनकार किया। उनका कहना था कि यात्रा कुछ देरी से पहुंची थी और ऊपर तथा नीचे दोनों जगह बैठने की व्यवस्था थी। उनके अनुसार, कुर्सियां कम थीं जबकि कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक थी और कार्यकर्ता उत्साह में मौजूद थे। उन्होंने इसे बातचीत का विषय बताया, लेकिन विवाद या वाद-विवाद की स्थिति से इनकार किया।
इस पूरे घटनाक्रम से फिलहाल इतना स्पष्ट है कि बीनागंज में भाजपा के सेवा संकल्प कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर मतभेद जैसी स्थिति बनी और उसके बाद कई वरिष्ठ पदाधिकारी मंच छोड़कर नीचे बैठ गए। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों के बयानों के अनुसार इसे किसी बड़े संगठनात्मक विवाद के रूप में नहीं देखा जा रहा है। आगे इस मामले पर पार्टी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, यह अलग विषय है। फिलहाल बीनागंज का यह कार्यक्रम मंचीय व्यवस्था को लेकर सामने आए घटनाक्रम के कारण चर्चा में है।




