नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में अक्टूबर महीने के पहले कारोबारी दिन अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 950 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों के बीच एक बार फिर चिंता बढ़ी और कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
शुरुआती कमजोरी के बाद बढ़ी बिकवाली
शेयर बाजार में गिरावट हमेशा किसी एक कारण से नहीं आती। गुरुवार के कारोबार में भी शुरुआती कमजोरी के बाद बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट गहरी हुई। निवेशकों की ओर से चुनिंदा बड़े शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।
सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में कमजोरी ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया। बाजार में जब बड़े वजन वाले शेयरों में गिरावट आती है तो उसका सीधा प्रभाव सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर पड़ता है। यही वजह है कि कुछ बड़ी कंपनियों में बिकवाली बढ़ने के साथ ही पूरे बाजार का माहौल कमजोर नजर आने लगा।
निफ्टी में भी तेज गिरावट
सेंसेक्स की तरह निफ्टी में भी गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली। 50 शेयरों वाला निफ्टी अपने पिछले बंद स्तर 22,620 से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार में दबाव में रहा। बाजार में बिकवाली बढ़ने के साथ निफ्टी की गिरावट भी गहरी होती गई।
निफ्टी में शामिल अलग-अलग सेक्टर के शेयरों के प्रदर्शन का इंडेक्स पर सीधा असर पड़ता है। खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो, आईटी, फार्मा, मेटल और अन्य बड़े सेक्टरों में कमजोरी आने पर बाजार का व्यापक रुझान प्रभावित होता है।
कई बड़े शेयरों में भारी बिकवाली
गिरावट के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बड़े शेयरों में बिकवाली बढ़ने से निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी असर पड़ा। ऐसे माहौल में बाजार पूंजीकरण में बड़ी कंपनियों के शेयरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है।
शेयर बाजार में किसी कंपनी के शेयर की कीमत गिरने का असर केवल उस कंपनी के निवेशकों तक सीमित नहीं रहता। यदि बड़ी संख्या में लार्ज-कैप कंपनियों में एक साथ गिरावट आती है, तो इसका असर पूरे इंडेक्स पर दिखाई देता है। यही कारण है कि सेंसेक्स और निफ्टी की तेज गिरावट के दौरान बाजार की व्यापक तस्वीर भी कमजोर नजर आती है।
कुल मिलाकर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 950 अंक तक फिसला और निफ्टी में भी कमजोरी दर्ज हुई। बाजार में बड़ी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा और निवेशकों के बीच अस्थिरता को लेकर चिंता बढ़ी। हालांकि बाजार में एक दिन की तेज गिरावट को लंबी अवधि की दिशा का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता। निवेशकों के लिए बाजार की गतिविधियों के साथ-साथ कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण रहेगा।




