जापान। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स के 13वें दिन, 2 अक्टूबर 2026 को भारतीय खेल जगत के लिए कई यादगार पल देखने को मिले। भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग और आर्चरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, भारतीय महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियन गेम्स में इस इवेंट का अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। दोनों जीतों ने भारतीय महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को एशियाई खेलों के इस संस्करण में एक नई ऊंचाई दी।
जन्मदिन पर लवलीना का गोल्ड मेडल
लवलीना बोरगोहेन के लिए 2 अक्टूबर का दिन दोहरी खुशी लेकर आया। अपने जन्मदिन के मौके पर रिंग में उतरी भारतीय मुक्केबाज ने चीन की बाओ जियी को महिलाओं की 75 किलोग्राम फाइनल में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मात दी। इस जीत के साथ लवलीना एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि एमसी मैरी कॉम ने 2014 के एशियन गेम्स में हासिल की थी।
फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही चुनौतीपूर्ण रहा। बाओ जियी ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और शुरुआती दौर में लगातार हमले किए। लवलीना ने धैर्य बनाए रखते हुए काउंटर पंचिंग का सहारा लिया। पहले राउंड में जजों का फैसला 3-2 से लवलीना के पक्ष में रहा। इसके बाद चीनी मुक्केबाज ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन लवलीना ने अपनी रणनीति नहीं बदली और निर्णायक मौकों पर प्रभावी पंच लगाए। आगे के राउंड में भारतीय मुक्केबाज ने अपनी बढ़त बनाए रखी और अंततः पांचों जजों ने उन्हें विजेता घोषित किया।
आखिरी सेट तक चला रोमांच
महिला रिकर्व टीम का फाइनल बेहद करीबी रहा। शुरुआती दो सेटों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने पहले सेट में 54-54 और दूसरे सेट में 56-56 का समान स्कोर बनाया। इसके चलते शुरुआती दो सेटों के बाद मुकाबला 2-2 की बराबरी पर था।
तीसरे सेट में भारतीय टीम ने निर्णायक बढ़त हासिल की। भारत ने 55 अंक बनाए, जबकि दक्षिण कोरिया 51 अंक तक पहुंच सका। इसके साथ भारत ने सेट 2-0 से जीतकर कुल स्कोर 4-2 कर दिया। अब भारत को स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए केवल एक और सेट प्वाइंट की जरूरत थी।
एशियन गेम्स में भारतीय आर्चरी का बढ़ता प्रभाव
2 अक्टूबर का दिन भारतीय आर्चरी के लिए भी खास रहा। महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण के अलावा भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने भी रजत पदक हासिल किया। पुरुष टीम के फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ, जहां भारतीय टीम को 1-5 से हार मिली। इसके बावजूद पुरुष टीम की रजत पदक उपलब्धि ने भारत के आर्चरी अभियान में एक और पदक जोड़ा।
महिला रिकर्व टीम की ऐतिहासिक जीत और लवलीना बोरगोहेन के स्वर्ण पदक ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के अभियान को खास मजबूती दी है। एक ओर बॉक्सिंग रिंग में लवलीना ने अनुभव और संयम के दम पर चीन की चुनौती को पार किया, वहीं दूसरी ओर आर्चरी में अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड ने दक्षिण कोरिया के लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए भारत के लिए नया अध्याय लिखा।
महिला रिकर्व टीम की ऐतिहासिक जीत और लवलीना बोरगोहेन के स्वर्ण पदक ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के अभियान को खास मजबूती दी है। एक ओर बॉक्सिंग रिंग में लवलीना ने अनुभव और संयम के दम पर चीन की चुनौती को पार किया, वहीं दूसरी ओर आर्चरी में अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड ने दक्षिण कोरिया के लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए भारत के लिए नया अध्याय लिखा।
एशियन गेम्स के 13वें दिन की ये दोनों उपलब्धियां भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष महत्व रखती हैं। लवलीना का जन्मदिन पर स्वर्ण जीतना व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ भारतीय बॉक्सिंग इतिहास में भी महत्वपूर्ण पड़ाव है। वहीं महिला रिकर्व टीम का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण भारतीय आर्चरी के रिकॉर्ड में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।




