रेजिनगर। पश्चिम बंगाल के रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और नाउदा के विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि उपचुनाव समाप्त होने के बाद वह दिल्ली जाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे। कबीर का कहना है कि उनका दिल्ली जाने का फैसला उपचुनाव के नतीजे पर निर्भर नहीं करेगा। यानी रेजिनगर में उनकी पार्टी की जीत हो या हार, वह केंद्रीय भाजपा नेताओं से मुलाकात करने के अपने फैसले पर कायम रहेंगे।
चुनाव के बाद दिल्ली जाने की घोषणा
हुमायूं कबीर ने कहा है कि वह चुनाव के बाद दिल्ली जाकर भाजपा के केंद्रीय नेताओं के सामने राज्य स्तर पर सामने आ रही परिस्थितियों को रखेंगे। उनका कहना है कि वह केंद्रीय नेतृत्व से यह जानना चाहते हैं कि देश के कई राज्यों में भाजपा के सत्ता में होने के बावजूद रेजिनगर जैसे एक विधानसभा उपचुनाव में कथित तौर पर इतनी बड़ी ताकत लगाने की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है।
कबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली जाने का फैसला चुनाव परिणाम से जुड़ा हुआ नहीं है। उनके मुताबिक, रेजिनगर में परिणाम चाहे किसी भी पक्ष के पक्ष में आए, वह दिल्ली जाएंगे और केंद्रीय भाजपा नेतृत्व से बातचीत करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य भाजपा और प्रशासन को लेकर अपनी शिकायतों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ी चिंताओं को केंद्रीय नेताओं तक पहुंचाना है।
पुलिस-प्रशासन पर लगाए आरोप
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया है कि उपचुनाव में भाजपा पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है और चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मुद्दा रेजिनगर उपचुनाव के प्रचार के दौरान पहले भी सामने आ चुका है। सितंबर में कबीर ने जमीनी चुनाव प्रचार से पीछे हटने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और कथित पुलिस कार्रवाई के कारण उनके लिए सामान्य तरीके से प्रचार करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने जमीनी प्रचार की जगह सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी और उम्मीदवार के लिए प्रचार जारी रखने की बात कही थी।
कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद रेजिनगर उपचुनाव में AJUP के उम्मीदवार हैं। चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार रेजिनगर और नंदीग्राम समेत पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। ये दोनों सीटें संबंधित विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।
अब उपचुनाव से ठीक पहले कबीर का यह कहना कि वह परिणाम की परवाह किए बिना दिल्ली जाएंगे, राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। उनका कहना है कि वह केंद्रीय भाजपा नेतृत्व के सामने राज्य भाजपा और पुलिस-प्रशासन से जुड़ी अपनी शिकायतें रखेंगे। दूसरी ओर, इन आरोपों की पुष्टि या खंडन संबंधित प्रशासनिक और राजनीतिक पक्षों के आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा।
रेजिनगर में 6 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, प्रशासनिक कार्रवाई, राजनीतिक दलों की शिकायतें और चुनाव आयोग की निगरानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मतदान और उसके बाद आने वाला परिणाम ही यह तय करेगा कि क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर किस दिशा में आगे बढ़ती है।




