जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, 3 FIR दर्ज

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर की ओर किए गए विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, ये मामले 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन से जुड़े हैं। तीनों एफआईआर में फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, पुलिस ने एफआईआर की सामग्री में प्रदर्शन के आयोजकों और उसमें शामिल संगठनों से जुड़ी जानकारी दर्ज की है।

संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाने में दर्ज हुईं तीन FIR

दिल्ली पुलिस ने तीन मामलों में से दो एफआईआर संसद मार्ग पुलिस थाने में और एक एफआईआर कनॉट प्लेस पुलिस थाने में दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये मामले दैनिक डायरी यानी DD एंट्री के आधार पर दर्ज किए गए हैं। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 लगाई गई है, जो लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है।

पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली जिले में पहले से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे। इन आदेशों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर जंतर-मंतर की ओर जाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से कार्रवाई की गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि एफआईआर में अभी किसी व्यक्ति या संगठन का नाम आरोपी के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। आगे की जांच में संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट की जा सकती है।

करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लेने का दावा

पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 1,000 लोगों को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से हिरासत में लिया गया। इनमें राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, छात्र संगठनों के सदस्य और नागरिक समाज से जुड़े लोग शामिल थे। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें AAP नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत कई लोग शामिल थे। राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी प्रदर्शन स्थल की ओर जाते समय रोके जाने की खबर सामने आई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग बसों के जरिए विभिन्न थानों तक पहुंचाया। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया था ताकि प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान तक न पहुंच सकें।

SIR को लेकर हो रहा है विरोध

यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था और इसकी पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समूहों की आपत्तियां हैं। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की।

विपक्षी नेताओं और प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए हैं। उदाहरण के तौर पर AAP नेता संजय सिंह ने SIR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया था। ये राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाया गया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता और अद्यतन करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है।

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