SIR के खिलाफ INDIA ब्लॉक का दिल्ली में मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता रोके गए; कौशांबी में सपा कार्यकर्ताओं पर FIR

0
5

नई दिल्ली। देश की चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रहा राजनीतिक विवाद मंगलवार को सड़क पर भी दिखाई दिया। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में संसद भवन से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग उठाई। करीब 140 विपक्षी सांसदों के इस मार्च को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर निर्वाचन सदन से पहले रोक दिया।

संसद से निर्वाचन सदन तक विपक्ष का मार्च

मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन के मकर द्वार के पास एकत्र हुए और वहां से निर्वाचन सदन की ओर मार्च शुरू किया। विपक्षी दलों ने इस मार्च को चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना सामूहिक विरोध बताया। मार्च से पहले ही केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी और कई स्थानों पर पुलिस बैरिकेड लगाए गए थे।

मार्च में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेता और सांसद शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार करीब 140 विपक्षी सांसद इस विरोध मार्च का हिस्सा बने। प्रदर्शनकारियों का प्रमुख लक्ष्य चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचकर अपनी मांगें रखना था, लेकिन पुलिस ने निर्वाचन सदन से पहले ही रास्ता रोक दिया।

विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR की प्रक्रिया रोकने और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही। कुछ विपक्षी नेताओं ने भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी की मांग भी उठाई।

आकाशवाणी भवन के पास राहुल-प्रियंका समेत नेता धरने पर बैठे

निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड के कारण विपक्षी नेताओं का मार्च आगे नहीं बढ़ सका। रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता आकाशवाणी भवन के पास रुक गए। कुछ समय बाद राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने वहीं विरोध जताया।

विरोध के दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड के ऊपर भी दिखाई दिए और हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर विरोध जताया। वहीं विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच बैरिकेड के पास काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।

रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वाम दलों के नेता डी. राजा और अन्य वरिष्ठ नेता आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे। बाद में कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई।

अखिलेश यादव ने लगाए चुनाव आयोग पर आरोप

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची में नामों से संबंधित आपत्तियां भी उठाई हैं।

समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए दस्तावेजों में बड़ी संख्या में ऐसे नामों का मामला सामने आया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष का आंदोलन अब संसद से सड़क तक पहुंच गया है। दिल्ली में INDIA ब्लॉक का मार्च और कौशांबी में सपा कार्यकर्ताओं पर FIR इस व्यापक राजनीतिक विवाद के अलग-अलग हिस्से हैं। विपक्षी दल जहां इसे मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं को वैधानिक व्यवस्था के तहत संचालित किए जाने की बात कह रहा है।

दिल्ली में मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने और कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। दूसरी ओर कौशांबी में दर्ज FIR के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। ऐसे में SIR, मतदाता सूची, चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में भी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति में प्रमुख बने रह सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here