मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों की होगी निशुल्क रजिस्ट्री, मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद पटवारी संघ तैयार

0
10

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने इस योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में सहयोग करने पर सहमति जताई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित समत्व भवन में पटवारी संघ के पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान योजना के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। मुलाकात के बाद पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बातचीत को सार्थक बताया और कहा कि स्वामित्व योजना में आवश्यक न्यायिक संरक्षण की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री और पटवारी संघ के बीच हुई चर्चा

शुक्रवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में मध्य प्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक का प्रमुख विषय स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क रजिस्ट्री के कार्य में पटवारियों की भूमिका और इससे जुड़े मुद्दे रहे।

बैठक के बाद संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत काम करने के लिए आवश्यक न्यायिक संरक्षण की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर सहृदयतापूर्वक आवश्यक आदेश जारी करने की बात भी कही है।

पटवारी संघ की ओर से दिए गए इस बयान के बाद योजना के तहत रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में सहयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। राजस्व प्रशासन में पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड तैयार करने, उनका सत्यापन करने तथा राजस्व संबंधी जानकारियों को व्यवस्थित रखने जैसे कार्यों में उनकी भागीदारी रहती है।

क्या है स्वामित्व योजना?

स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि पर लोगों के संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करने से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य गांवों में आवासीय संपत्तियों की पहचान, सर्वेक्षण और संबंधित संपत्ति कार्ड या अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार मकान या आबादी की जमीन पर लंबे समय से रहने के बावजूद लोगों के पास संपत्ति के स्पष्ट दस्तावेज नहीं होते। ऐसी स्थिति में संपत्ति के स्वामित्व, सीमाओं और वास्तविक कब्जे को लेकर विवाद पैदा हो सकते हैं। दस्तावेजों की कमी के कारण संपत्ति से जुड़े लेनदेन और कानूनी प्रक्रियाओं में भी कठिनाइयां सामने आ सकती हैं।

स्वामित्व योजना का उद्देश्य आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों की मदद से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना और पात्र संपत्ति धारकों को उनके अधिकारों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहायता करना है।

अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार की ओर से संबंधित आदेश कब जारी किए जाते हैं और उनमें निशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर क्या प्रावधान निर्धारित किए जाते हैं। पात्रता, जरूरी दस्तावेज, शुल्क में छूट, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और समयसीमा जैसे विषय ग्रामीण नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारियों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के बयान के मुताबिक, पटवारी स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क रजिस्ट्री के काम में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। योजना का वास्तविक लाभ किन लोगों तक और किस प्रक्रिया से पहुंचेगा, यह आगे जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here