सीहोर। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल नमक चौराहा के पास चल रहे एक निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण स्थल पर बड़े आकार में गड्ढा खोदे जाने के बाद स्थानीय नागरिकों ने निर्माण की प्रकृति और उसकी अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि वाटर टैंक या सेप्टिक टैंक बनाने के नाम पर इतनी बड़ी खुदाई की जा रही है कि यह प्रथम दृष्टया बेसमेंट निर्माण जैसी दिखाई देती है। मामले में शिकायतें मिलने के बाद नगर पालिका का अमला मौके पर जांच और नोटिस देने पहुंचा, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां नोटिस स्वीकार करने के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला।
जानकारी दे दें कि, नमक चौराहा शहर का व्यस्त क्षेत्र है। ऐसे स्थान पर किसी भवन के निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर खुदाई होने से आसपास के लोगों का ध्यान इस ओर जाना स्वाभाविक है। स्थानीय रहवासियों और आसपास के लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विशाल गड्ढा खोदा गया है। उनका सवाल है कि यदि यहां केवल वाटर टैंक या सेप्टिक टैंक बनाया जा रहा है, तो खुदाई का आकार और गहराई इतनी अधिक क्यों है।
इस संबंध में स्थानीय नागरिकों का दावा है कि संबंधित क्षेत्र में नगर पालिका के नियमों के तहत बेसमेंट बनाने की अनुमति नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने निर्माण कार्य की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र में बेसमेंट निर्माण प्रतिबंधित है, तो किसी अन्य संरचना के नाम पर इतनी बड़ी खुदाई किए जाने की स्थिति में अधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए।


इस मामले में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि संबंधित भूखंड पर लागू भवन निर्माण नियम क्या हैं और निर्माणकर्ता को किस प्रकार की स्वीकृति दी गई है। किसी क्षेत्र में बेसमेंट निर्माण की अनुमति, उस पर लागू शर्तें और प्रतिबंध स्थानीय विकास नियमों, स्वीकृत भवन नक्शे तथा संबंधित प्राधिकरण के आदेशों पर निर्भर कर सकते हैं।




