भोपाल। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) की पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि के साथ एम्स भोपाल ने देश के चिकित्सा संस्थानों के बीच अपनी गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों को लेकर महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के पहले चरण में स्थापित देश के छह एम्स संस्थानों में पूर्ण NABH मान्यता प्राप्त करने वाला भोपाल एम्स पहला संस्थान बन गया है।
यहां यह बता दे कि, यह मान्यता अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सा सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता, रोगियों की सुरक्षा और अस्पताल की कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसी अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने का अर्थ केवल उसकी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता नहीं है, बल्कि यह भी है कि उसकी सेवाओं और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के आधार पर किया गया है।

कुल मिलाकर, एम्स भोपाल को मिली NABH की पूर्ण मान्यता मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के पहले चरण में स्थापित छह एम्स संस्थानों में यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला संस्थान बनना इसकी अहमियत को और बढ़ाता है। सभी विशेषज्ञताओं, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और 1,457 बिस्तरों पर लागू यह मान्यता अस्पताल की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और व्यवस्थित चिकित्सा सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। अब इस उपलब्धि का दीर्घकालिक महत्व इस बात पर निर्भर करेगा कि अस्पताल आने वाले वर्षों में इन मानकों को किस तरह लगातार बनाए रखता है और मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराता है।




