नई दिल्ली। नई दिल्ली में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया से जुड़े सवालों को न्यायिक जांच के दायरे में लाना था। मार्च के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त रिट याचिका दायर की गई। इसमें चुनाव आयोग के निर्णयों की वैधानिकता की जांच, मतदाता सूची में बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल हैं।
यहां जानकारी देते चले कि, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं का रिकॉर्ड सही रखना है। इस प्रक्रिया के तहत नामों की जांच, नए मतदाताओं का पंजीकरण और अपात्र या गलत प्रविष्टियों को हटाने जैसे काम किए जा सकते हैं।
हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने चिंता जताई है। उसका आरोप है कि कुछ स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने, नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कठिनाइयों और प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता की कमी से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने पंजाब सहित उन राज्यों की मतदाता सूचियों में पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने की मांग की है जहां चुनाव होने हैं या चुनावी तैयारियां महत्वपूर्ण चरण में हैं।





