भोपाल।मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ पाने से वंचित रह गई महिलाओं के लिए नए पंजीयन की उम्मीद जगी है। योजना में नए नाम जोड़ने और पंजीयन पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर 14 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बयान के बाद चर्चा शुरू हुई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना के दायरे से बाहर रह गई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, 15 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने फिलहाल पोर्टल दोबारा खोलने की किसी योजना से इनकार किया है। ऐसे में पात्र महिलाओं को नए पंजीयन के संबंध में सरकार के आधिकारिक निर्णय का इंतजार करना होगा।
योजना से छूटी महिलाओं के लिए क्या है नया अपडेट?
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और घरेलू खर्चों के लिए उन्हें नियमित वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना है।
योजना में पहले से पंजीकृत महिलाओं को नियमित रूप से सहायता मिल रही है, लेकिन ऐसी महिलाएं भी हैं जो किसी कारणवश अब तक इसमें शामिल नहीं हो सकी हैं। इन्हीं महिलाओं के लिए नए पंजीयन का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव चाहते हैं कि योजना से छूट गई महिलाओं की स्थिति का पता लगाया जाए। इसके लिए अधिकारियों को ऐसी महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बयान से यह उम्मीद बनी कि सरकार आगे चलकर नए आवेदन लेने के लिए पोर्टल खोलने पर विचार कर सकती है।
अंत में हम आपको बताते चले किनए पंजीयन को लेकर चर्चा ऐसे समय शुरू हुई है, जब राज्य सरकार ने मौजूदा लाभार्थियों के लिए योजना की 41वीं किस्त जारी की। 14 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि अंतरित की।





