अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने को लेकर भारत समेत पांच देशों को टैरिफ और कुछ प्रतिबंधात्मक उपायों से छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले को रूस से ऊर्जा खरीद और अमेरिका की प्रतिबंध नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए संबंधित कानून के तहत कुछ प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट देने का निर्णय लिया है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदता है। ऐसे में रूस से होने वाला ऊर्जा व्यापार देश की आपूर्ति व्यवस्था और आयात लागत के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय है। यदि रूसी तेल या गैस की खरीद पर लागू होने वाले अमेरिकी टैरिफ अथवा संबंधित प्रतिबंधों से भारत को स्पष्ट छूट मिलती है, तो इससे भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े जोखिमों को समझने में मदद मिल सकती है।
टैरिफ का सामान्य अर्थ आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला सीमा शुल्क है। वहीं, प्रतिबंधों के अंतर्गत किसी देश, कंपनी, व्यक्ति या व्यापारिक गतिविधि पर अलग-अलग प्रकार की कानूनी और आर्थिक पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। इसलिए टैरिफ से छूट और प्रतिबंधों से छूट को एक ही बात नहीं माना जाना चाहिए। किसी विशेष कानून के तहत दी गई राहत का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें कौन-से प्रावधान शामिल हैं।
ग्राहम एक्ट और प्रतिबंध नीति का संदर्भ
दी गई जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे। इसी कानून को इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि बताया गया है। इसमें रूस और ईरान से संबंधित प्रतिबंधों का प्रावधान होने की बात कही गई है।
बताया गया है कि ट्रंप ने इस कानून की धारा 115 के तहत कुछ प्रतिबंधों, पाबंदियों और टैरिफ को लागू करने से छूट देने का निर्णय लिया। इस निर्णय के पीछे राष्ट्रीय हित का तर्क दिया गया है। हालांकि, कानून की धारा, हस्ताक्षरित दस्तावेज और छूट की शर्तों का आधिकारिक सत्यापन आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राष्ट्रपति के फैसले से किन गतिविधियों को राहत मिली है।
व्हाइट हाउस के 16 अक्टूबर 2026 के आधिकारिक कार्यकारी आदेश के अनुसार, ट्रंप ने ग्राहम एक्ट के तहत निर्धारित कुछ शुल्कों, प्रतिबंधों और पाबंदियों के आवेदन को राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए स्थगित/माफ करने का निर्णय लिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि छूट तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या संबंधित अधिकारी आगे की कार्रवाई को उचित नहीं मानते। इसलिए इसे भारत समेत केवल पांच देशों के लिए घोषित स्थायी छूट के रूप में प्रस्तुत करने से पहले आदेश का पूरा दायरा स्पष्ट करना जरूरी है।





