छत्तीसगढ़ में वीबी-जी राम जी के 12 हजार कर्मचारियों की HR नीति दो साल से लंबित, सेवा सुरक्षा और सामाजिक लाभों का इंतजार

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छत्तीसगढ़ में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) से जुड़े करीब 12 हजार कर्मचारियों की मानव संसाधन (एचआर) नीति दो वर्षों से अधिक समय बीतने के बाद भी लंबित है। प्रदेशभर में काम कर रहे इन कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, स्पष्ट सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों का इंतजार है। कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए समिति गठित किए जाने के बावजूद अब तक नीति को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

29 अगस्त 2024 को गठित हुई थी आठ सदस्यीय समिति

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर 29 अगस्त 2024 को मानव संसाधन नीति तैयार करने के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति को कर्मचारियों की सेवा संबंधी परिस्थितियों पर विचार करते हुए नीति बनाने के लिए अनुशंसाएं प्रस्तुत करनी थीं।

बताया गया था कि समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसाएं देनी थीं। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई है। इसके चलते नीति निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।

समिति गठन का उद्देश्य कर्मचारियों से जुड़े मानव संसाधन संबंधी विषयों पर विचार करना और ऐसी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में सुझाव देना था, जिससे उनकी सेवा शर्तों को स्पष्ट किया जा सके। लेकिन रिपोर्ट लंबित रहने से इस प्रक्रिया के अगले चरणों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

किसी भी सरकारी नीति को अंतिम रूप देने में समिति की अनुशंसाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में रिपोर्ट का समय पर प्रस्तुत होना आवश्यक माना जाता है। इस मामले में कर्मचारियों की प्रमुख चिंता यही है कि समिति के गठन के बावजूद उन्हें अब तक ठोस परिणाम नहीं मिला है।

कर्मचारियों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार नीति को लेकर समय सीमा स्पष्ट करे। इससे उन्हें यह जानकारी मिल सकेगी कि उनकी मांगों पर विचार किस चरण में है और अंतिम निर्णय की दिशा में आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त 2024 को गठित समिति की रिपोर्ट लंबित है और करीब 12 हजार कर्मचारियों की एचआर नीति पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मंत्री और उच्च अधिकारियों तक मांगें पहुंचाए जाने के बावजूद समाधान की प्रतीक्षा जारी है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग समिति की लंबित अनुशंसाओं पर कब तक आगे बढ़ता है और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, स्पष्ट सेवा शर्तों तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। तब तक वीबी-जी राम जी से जुड़े कर्मचारियों के लिए एचआर नीति का इंतजार जारी रहेगा।

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