दशहरा का त्योहार बीत चुका है, लेकिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी की प्रतीक्षा अभी बनी हुई है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार दशहरा से पहले महंगाई भत्ते में संशोधन का ऐलान कर सकती है। हालांकि, त्योहार से पहले घोषणा नहीं होने के बाद अब उनकी निगाहें दिवाली से पहले संभावित फैसले पर टिकी हैं।
जुलाई के DA Hike का इंतजार क्यों कर रहे हैं कर्मचारी?
केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनर्स की महंगाई राहत में आमतौर पर साल में दो बार संशोधन करती है। ये संशोधन जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं। जनवरी से लागू होने वाले संशोधन की घोषणा प्रायः साल के शुरुआती महीनों में होती है, जबकि जुलाई से लागू होने वाले संशोधन का ऐलान अक्सर सितंबर या अक्टूबर में किया जाता है।
इसी परंपरा के कारण कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जुलाई 2026 के संशोधन को लेकर फैसला सितंबर या अक्टूबर में आ सकता है। दशहरा से पहले घोषणा नहीं होने के बाद अब दिवाली से पहले संभावित ऐलान को लेकर चर्चा तेज है।
क्या इस बार 3 प्रतिशत बढ़ सकता है DA?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2026 के संशोधन में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इस अनुमान के पीछे औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी AICPI-IW के आंकड़ों को प्रमुख आधार बताया जा रहा है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी अभी आधिकारिक रूप से घोषित निर्णय नहीं है। सरकार उपलब्ध महंगाई संबंधी आंकड़ों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर संशोधन को अंतिम रूप देती है। इसलिए कर्मचारियों को सोशल मीडिया या अपुष्ट खबरों में प्रसारित प्रतिशत को अंतिम फैसला नहीं मानना चाहिए।
यदि सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो मौजूदा DA दर में तीन प्रतिशत अंक जुड़ेंगे। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत है और उसमें 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी होती है, तो नई दर 61 प्रतिशत हो जाएगी। यह केवल गणना समझाने के लिए उदाहरण है, जुलाई 2026 की वास्तविक या घोषित दर नहीं।
AICPI-IW के आंकड़ों से कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ते में संशोधन का संबंध औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) से है। यह सूचकांक बताता है कि औद्योगिक श्रमिकों के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में किस तरह बदलाव हो रहा है।
खाद्य पदार्थों, कपड़ों, आवास और अन्य आवश्यक खर्चों में होने वाले बदलाव महंगाई के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निर्धारित अवधि के सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर DA की गणना की जाती है। इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के अनुसार सरकार संशोधन पर फैसला लेती है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि सूचकांक में होने वाली प्रत्येक वृद्धि सीधे उसी प्रतिशत के DA Hike में बदल जाती है। महंगाई भत्ते की दर तय करने के लिए निर्धारित गणना पद्धति लागू होती है। इसलिए 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बारे में लगाए जा रहे अनुमान को AICPI-IW के आंकड़ों से जुड़ी संभावना के रूप में ही देखना चाहिए।





