नई दिल्ली। स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद महत्वपूर्ण है और प्रोटीन इस आहार का एक प्रमुख हिस्सा है। शरीर की मांसपेशियों से लेकर त्वचा, बाल, नाखून और कई जरूरी जैविक प्रक्रियाओं तक में प्रोटीन की भूमिका होती है। यह केवल जिम जाने वाले लोगों या मांसपेशियां बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि बच्चों, युवाओं, वयस्कों और बुजुर्गों सहित हर आयु वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।

प्रोटीन की कमी होने पर शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, जरूरत से अधिक प्रोटीन लेने से भी कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है, खासकर तब जब उनकी किडनी पहले से कमजोर हो या उनका खानपान संतुलित न हो। इसलिए यह समझना जरूरी है कि प्रोटीन की आवश्यकता हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। उम्र, शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य की स्थिति और गर्भावस्था जैसी परिस्थितियों के अनुसार इसकी जरूरत बदल सकती है।
शरीर के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी?
प्रोटीन अमीनो एसिड से मिलकर बनता है। शरीर इनका उपयोग ऊतकों के निर्माण, उनकी मरम्मत और कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए करता है। कुछ अमीनो एसिड शरीर खुद बना सकता है, जबकि आवश्यक अमीनो एसिड भोजन से प्राप्त करने पड़ते हैं।
1. मांसपेशियों की मरम्मत और विकास
प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यायाम, शारीरिक मेहनत या सामान्य दैनिक गतिविधियों के बाद मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। हालांकि, केवल प्रोटीन बढ़ाने से मांसपेशियां नहीं बनतीं। इसके लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त कैलोरी और उचित आराम भी जरूरी हैं।
2. एंजाइम बनाने में मदद
शरीर में भोजन को पचाने और पोषक तत्वों के उपयोग सहित कई जैविक प्रक्रियाओं में एंजाइम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनेक एंजाइम प्रोटीन से बने होते हैं। इसलिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने में मदद करता है।
3. हार्मोन और अन्य जैविक प्रक्रियाएं
कुछ हार्मोन प्रोटीन या उनसे संबंधित संरचनाओं से बने होते हैं। ये शरीर में विभिन्न प्रक्रियाओं के नियंत्रण में भूमिका निभाते हैं। हालांकि, सभी हार्मोन प्रोटीन से नहीं बनते। पर्याप्त पोषण शरीर के सामान्य हार्मोनल और चयापचय संबंधी कार्यों को सहारा देता है।
4. त्वचा, बाल और नाखूनों के लिए उपयोगी
त्वचा, बाल और नाखूनों की संरचना में प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उदाहरण के लिए, केराटिन बालों और नाखूनों का प्रमुख संरचनात्मक प्रोटीन है, जबकि कोलेजन त्वचा सहित कई ऊतकों को संरचनात्मक सहारा देता है। पर्याप्त प्रोटीन लेना इनके सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, लेकिन बाल झड़ने या त्वचा की समस्याओं के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहारा
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में एंटीबॉडी और कई अन्य प्रोटीन शामिल होते हैं। पर्याप्त पोषण प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। हालांकि, केवल अधिक प्रोटीन खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता असाधारण रूप से मजबूत होने की गारंटी नहीं मिलती।
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहारा
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में एंटीबॉडी और कई अन्य प्रोटीन शामिल होते हैं। पर्याप्त पोषण प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। हालांकि, केवल अधिक प्रोटीन खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता असाधारण रूप से मजबूत होने की गारंटी नहीं मिलती।
6. वजन और ब्लड शुगर प्रबंधन में भूमिका
प्रोटीन युक्त भोजन पेट भरा रहने का एहसास बढ़ा सकता है, जिससे कुछ लोगों को भूख नियंत्रित करने और वजन प्रबंधन में मदद मिलती है। संतुलित भोजन में प्रोटीन शामिल करना ब्लड शुगर के प्रबंधन में भी उपयोगी हो सकता है। फिर भी, इसका असर पूरे भोजन, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा, शारीरिक गतिविधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
रोजाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
प्रोटीन की दैनिक जरूरत शरीर के वजन और जीवनशैली के अनुसार तय होती है। स्वस्थ वयस्कों के लिए कई पोषण संबंधी दिशानिर्देश लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन प्रतिदिन को सामान्य संदर्भ मानते हैं। यह हर व्यक्ति के लिए अंतिम लक्ष्य नहीं है।
उदाहरण के तौर पर, 60 किलोग्राम वजन वाले एक स्वस्थ वयस्क के लिए इस आधार पर लगभग 48 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन बनता है। वहीं, नियमित रूप से कठिन व्यायाम करने वाले लोगों, कुछ बुजुर्गों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बीमारी से उबर रहे व्यक्तियों की जरूरत अलग हो सकती है।
किडनी की बीमारी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए प्रोटीन की मात्रा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार तय की जानी चाहिए। बिना व्यक्तिगत जरूरत समझे किसी हाई-प्रोटीन डाइट को अपनाना उचित नहीं है।
प्रोटीन के अच्छे स्रोत कौन-से हैं?
प्रोटीन कई प्रकार के खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है। शाकाहारी भोजन में दालें, राजमा, छोले, सोयाबीन, टोफू, दूध, दही और पनीर उपयोगी विकल्प हैं। मांसाहारी भोजन करने वाले लोग अंडे, मछली और चिकन से भी प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।
साबुत अनाज, मेवे और बीज भी भोजन में प्रोटीन का योगदान देते हैं। अलग-अलग स्रोतों को संतुलित आहार में शामिल करने से प्रोटीन के साथ अन्य जरूरी पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।
प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होते। यदि सामान्य भोजन से जरूरत पूरी हो रही है, तो केवल अधिक प्रोटीन लेने के लिए सप्लीमेंट शुरू करने की आवश्यकता नहीं है। सप्लीमेंट का चुनाव करने से पहले उसकी सामग्री, गुणवत्ता और अपनी वास्तविक जरूरत पर विचार करना चाहिए।
प्रोटीन शरीर के विकास, मांसपेशियों की मरम्मत, एंजाइमों के निर्माण और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है। लेकिन इसकी सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, वजन, गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। न तो प्रोटीन की कमी को नजरअंदाज करना चाहिए और न ही बिना जरूरत बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। संतुलित भोजन और व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार प्रोटीन लेना स्वस्थ जीवनशैली का बेहतर आधार है।




