रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचीं। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, माना में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक आयोजनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रवास के दौरान राष्ट्रपति लोकभवन में माता हासी देवी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेंगी।
दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ दौरा राज्य की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। इस प्रवास के दौरान बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार जैसे ऐतिहासिक आयोजनों में उनकी सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इन आयोजनों का संबंध छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक सामाजिक जीवन से है।
राष्ट्रपति के दौरे से राज्य की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ अपनी जनजातीय विरासत, लोक परंपराओं, पारंपरिक उत्सवों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। ऐसे में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की उपस्थिति इन परंपराओं के महत्व को रेखांकित करती है।
लोकभवन में जारी होगा 200 रुपये का स्मारक सिक्का
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर प्रवास का एक प्रमुख कार्यक्रम माता हासी देवी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम लोकभवन में दोपहर एक बजे निर्धारित किया गया है।
स्मारक सिक्के किसी विशिष्ट व्यक्ति, ऐतिहासिक घटना, सांस्कृतिक विरासत या महत्वपूर्ण उपलब्धि के सम्मान में जारी किए जाते हैं। इनका उद्देश्य संबंधित विषय की स्मृति को संरक्षित करना और उसके महत्व को व्यापक स्तर पर सामने लाना होता है। माता हासी देवी के सम्मान में सिक्का जारी करने का कार्यक्रम भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
इस कार्यक्रम से जुड़ी विशेष जानकारी, सिक्के के डिजाइन, धातु, उपलब्धता और अन्य तकनीकी विवरणों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से की जानी चाहिए। फिलहाल उपलब्ध समाचार विवरण में इतना बताया गया है कि राष्ट्रपति अपने रायपुर प्रवास के दौरान लोकभवन में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेंगी।
बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की सहभागिता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ आगमन को प्रदेश के लिए गौरव का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में राष्ट्रपति मुर्मू की सहभागिता से राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति तथा गौरवशाली परंपराओं का मान बढ़ेगा।
बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की प्रमुख सांस्कृतिक पहचान में शामिल है। यह आयोजन अपनी विशिष्ट परंपराओं, धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताओं और सामुदायिक भागीदारी के लिए जाना जाता है। देश के अन्य हिस्सों में मनाए जाने वाले दशहरा उत्सवों से इसकी परंपराओं और आयोजन की प्रकृति में कई अंतर हैं। बस्तर क्षेत्र में इस उत्सव का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष रूप से देखा जाता है।
स्वागत कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, माना में राष्ट्रपति के स्वागत के दौरान राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें मंत्री विजय शर्मा, खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, ओपी चौधरी और श्याम बिहारी जायसवाल के अलावा सांसद विजय बघेल भी शामिल थे।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी औपचारिक स्वागत और निर्धारित कार्यक्रमों के महत्व को दर्शाती है। राष्ट्रपति का राज्य प्रवास संवैधानिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे अवसरों पर राज्य सरकार राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के समन्वय और व्यवस्थाओं में भूमिका निभाती है।
रायपुर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति के निर्धारित कार्यक्रमों में लोकभवन में स्मारक सिक्का जारी करना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े आयोजनों में सहभागिता प्रमुख रूप से शामिल हैं। दौरे के अन्य कार्यक्रमों के संबंध में विस्तृत जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम और सरकारी घोषणाओं के अनुसार देखी जानी चाहिए।






