सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सीहोर-श्यामपुर मार्ग की जर्जर हालत और अघोषित बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों तथा किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने और बिजली आपूर्ति नियमित नहीं रहने से लोगों को दैनिक आवागमन से लेकर खेती-किसानी तक में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से नाराज क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
गड्ढों में तब्दील सड़क से आवागमन प्रभावित
क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीहोर-श्यामपुर मार्ग की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहनों को निकलने में कठिनाई होती है। वाहन चालकों को रास्ते में सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ना पड़ता है, जिससे आवागमन असुविधाजनक हो गया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि सड़क की खस्ताहाल स्थिति के चलते आए दिन दुर्घटनाएं होने की समस्या भी सामने आ रही है। खराब सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। वहीं, अन्य वाहनों को भी गड्ढों से बचकर निकलने के लिए गति कम करनी पड़ती है। इससे सामान्य यातायात प्रभावित होता है और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
सीहोर-श्यामपुर मार्ग क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रोजमर्रा के कामों के लिए यात्रा करने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है।
अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान
सड़क की समस्या के साथ-साथ क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती भी ग्रामीणों की नाराजगी का प्रमुख कारण बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन में बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के बिजली बंद होने से घरेलू जरूरतों के साथ कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
वर्तमान में रबी सीजन शुरू होने के कारण किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। फसलों को जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने के लिए बिजली की नियमित आपूर्ति आवश्यक है। ऐसे समय में बार-बार बिजली कटौती होने से किसानों को सिंचाई का काम समय पर पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों के अनुसार, बिजली आपूर्ति में अनियमितता रहने से खेतों में सिंचाई की योजना प्रभावित होती है। बिजली उपलब्ध होने के समय के अनुसार उन्हें कृषि कार्यों में बदलाव करना पड़ता है। इससे समय और श्रम दोनों पर असर पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर रखीं मांगें
सड़क और बिजली की समस्याओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी, सीहोर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान दोनों मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए जल्द समाधान की मांग की गई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सीहोर-श्यामपुर मार्ग की मरम्मत, सड़क पर मौजूद गड्ढों को ठीक करना और बिजली की अघोषित कटौती पर रोक लगाना शामिल है। किसानों ने रबी सीजन में सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।
क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि सड़क की खराब हालत और बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण आम लोगों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में केवल आश्वासन के बजाय जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।
ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रख दी हैं और समाधान के लिए 10 दिन का समय दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस अवधि में सड़क की मरम्मत और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए क्या कदम उठाते हैं।
फिलहाल, क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग यही है कि सड़क और बिजली से जुड़ी समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिले और किसानों को सिंचाई संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं होता है, तो चांदबड़ में चक्का जाम की चेतावनी के चलते क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बन सकती है।





