नई दिल्ली / drnewsindia.com / सर्दियों के मौसम में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण (Air Pollution) से निपटने की तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव नरेन्द्र भूषण (Narendra Bhooshan) ने उत्तर प्रदेश सरकार के विंटर एक्शन प्लान और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की।
बैठक के दौरान सचिव ने सड़क पुनर्विकास, ट्रैफिक हॉटस्पॉट को जाम मुक्त करने, इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट (solid waste) प्रसंस्करण सुविधाओं और निर्माण स्थलों व औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों की सख्ती से निगरानी जैसे विभिन्न मुद्दों का जायजा लिया।
🚌 वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर विशेष जोर
vehicular pollution (वाहन जनित प्रदूषण) पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय सचिव ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को कई अहम निर्देश दिए:
- परिवर्तन योजना (PARIVARTAN Scheme): सचिव ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे ट्रक और बस एसोसिएशनों के साथ बैठक कर पुराने वाहनों को बदलने के लिए ‘परिवर्तन योजना’ के लाभों को तेजी से लागू करवाएं।
- एनओसी (NOC) प्रक्रिया में तेजी: परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे NCR क्षेत्र से पुराने वाहनों को बाहर शिफ्ट करने के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में सक्रिय और सुगम भूमिका निभाएं।
- ‘No PUCC, No Fuel’ पॉलिसी: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना ईंधन नहीं देने की नीति को सख्ती से लागू करने के लिए सभी ईंधन स्टेशनों (पेट्रोल पंपों) पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे जल्द से जल्द लगाने पर विशेष जोर दिया गया।

📌 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- समीक्षा अधिकारी: नरेन्द्र भूषण, सचिव (पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय)।
- मुख्य फोकस: उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में विंटर सीजन के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करना।
- प्रमुख कदम: ट्रैफिक डीकंजेशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, निर्माण स्थलों पर सख्ती और पुराने वाहनों पर शिकंजा।
- निगरानी: औद्योगिक इकाइयों और निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियमों की कड़ाई से जांच।




