drnewsindia.com/एसआईआर के विरोध में आईएनडीए ब्लॉक की रैली के लिए रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में लोग जुटने लगे हैं। इसमें 20 से ज्यादा विपक्षी पार्टियां शामिल होंगी। मल्लिकार्जुन खड़गे के घर प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेता पहुंच चुके हैं। कुछ देर में मिंटो ब्रिज से मार्च शुरू होगा। कांग्रेस ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।
कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने रैली से कारोबार और ट्रांसपोर्ट प्रभावित होने की आशंका जताई है। चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा कि इससे 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं और 10 से 12 हजार करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
रैली में एसआईआर का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल इस मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन हो चुके हैं।
लाइव अपडेट्ससीपीआईएम सांसद अमरा राम बोले- 2024 का चुनाव पूरी तरह फर्जी था
सीपीआई(एम) सांसद अमरा राम ने कहा, ष्यह (एसआईआर) सीधे तौर पर लोकतंत्र की निर्मम हत्या है। इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। बाबा साहेब के संविधान ने देश के नागरिकों को वोट देने का अधिकार दिया है। 13.5 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं। अकेले राजस्थान के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में ही 68 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव पूरी तरह फर्जी था। इसे रद्द किया जाना चाहिए। मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों को दोबारा शामिल किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।ष्
अखिलेश यादव बोले- डबल इंजन सरकार हो गई डबल जीरो
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं का पहुंचना शुरू हो चुका है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, टीएमसी सांसदों समेत विपक्ष के कई बड़े नेता पहुंचे। इस दौरान इंडिया ब्लॉक की रैली में पहुंचने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, अन्याय की सारी हदें पार हो चुकी हैं। अब तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि 1.27 करोड़ वोट कम हो गए हैं। उन्हें इसकी याद कब आई? तब, जब वह एमएलसी का चुनाव हार गए। जो लोग श्डबल इंजन सरकारश् की बात करते थे, वे अब श्डबल जीरोश् हो गए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एक बार भी अपनी हार स्वीकार नहीं की। वे चुनाव आयोग के पास गए और दोबारा मतगणना कराई। अब जरा सोचिए, एक ही चुनाव में डबल इंजन सरकार, डबल जीरो और दोहरी हार। इसके बाद वे क्या दावा कर रहे हैं? उनका कहना है कि 1.27 करोड़ हिंदुओं के वोट गायब हैं। उन्हें यह जानकारी कहां से मिली? यह आंकड़ा किसने दिया?ष्
उन्होंने कहा, यह ऐसा आंकड़ा नहीं है, जिसे कोई सड़क से उठाकर ले आए या कोई भी व्यक्ति किसी को दे दे। अगर कोई मंत्री ऐसा बयान दे रहा है और वह भी उत्तर प्रदेश में, जहां से प्रधानमंत्री आते हैं, तो वह यह बयान कब दे रहा है? किसी के वहां जाकर लौट आने के बाद। ऐसे में आरोप किस पर लगाया जा रहा है? अगर 1.70 करोड़ वोट गायब हैं, तो सरकार दूसरों पर क्या आरोप लगा रही है? सरकार यह भी दावा कर रही है कि लाखों लाभार्थियों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। ऐसे में उन लोगों को भी रामलीला मैदान पहुंचना चाहिए, क्योंकि यह अन्याय और झूठे वादों के खिलाफ आंदोलन है।ष्
इंडिया ब्लॉक की रैली पर क्या बोलीं जेएमएम की महुआ माजी?
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की नेता महुआ माजी ने कहा, ष्लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करे। मतदाता सूची से लगातार लोगों के नाम हटाए जाने के कारण जनता परेशान है। प्छक्प्। गठबंधन ने इस मुद्दे पर माननीय राष्ट्रपति से अपील की है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट से भी गुहार लगाई गई है।ष्
उन्होंने कहा, ष्हम लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। कल सार्वजनिक महाभियोग अभियान चलाया गया और आज हम रामलीला मैदान में जुटे हैं। हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार अब कम से कम जागेगी। सरकार को इस पद पर टीएन शेषन जैसे ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए।
माजी ने कहा, ष्प्रधानमंत्री को अब नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर इस पद पर किसी योग्य व्यक्ति की नियुक्ति करनी चाहिए, जो जनता का भरोसा जीत सके। वास्तविक मतदाताओं समेत करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतंत्र पर हमला है। हमारा लोकतांत्रिक देश एक तरह से निरंकुशता की ओर बढ़ रहा है। हम इसका विरोध करते हैं और इसी वजह से यह रैली आयोजित की जा रही है
राहुल गांधी से ब्ज्प् ने कहा- रैली से 10 से 12 हजार करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है
कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (ब्ज्प्) ने राहुल गांधी को चैथी बार चिट्ठी लिखकर रामलीला मैदान में प्छक्प्। ब्लॉक की रैली से दिल्ली के कारोबार और ट्रांसपोर्ट पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है।
ब्ज्प् के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि रैली के कारण करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं। 10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इससे 10 से 12 हजार करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (ब्ज्प्) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इस मुद्दे पर प्छक्प्। गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखा था। संगठन ने दिवाली फेस्टिवल सीजन में 10 हजार करोड़ रुपए के व्यापारिक नुकसान का अनुमान जताया है।
व्यापारी संगठन ब्।प्ज् के मुताबिक, 2025 में इन बाजारों में दिवाली पर त्योहारी बिक्री 75,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।




