बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) इन दिनों अपनी स्टारकास्ट, भव्य निर्माण, एडिटिंग और शानदार विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। रणबीर कपूर अभिनीत इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खास उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म की कहानी और कलाकारों के साथ-साथ इसके संगीत ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। खास बात यह है कि फिल्म के म्यूजिक की जिम्मेदारी भारतीय संगीत जगत के चर्चित संगीतकार एआर रहमान को सौंपी गई है, जबकि इसके गाने प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक कुमार विश्वास ने लिखे हैं।
छह बार खारिज हुआ, सातवीं बार में मिली मंजूरी
‘जुड़ी जोड़ी’ गाने के निर्माण की कहानी फिल्म के संगीत जितनी ही दिलचस्प है। दरअसल, कुमार विश्वास ने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग को ध्यान में रखते हुए इस गीत की रचना की थी। लेकिन शुरुआती तौर पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा को इसके बोल अपेक्षित स्तर के नहीं लगे।
निर्माता चाहते थे कि गीत में विवाह की खुशी के साथ-साथ राम और सीता के रिश्ते की पवित्रता, प्रेम और आध्यात्मिक भावनाएं भी प्रभावशाली तरीके से सामने आएं। इसी वजह से कुमार विश्वास को बार-बार नए शब्दों और मुखड़ों के साथ गीत प्रस्तुत करना पड़ा।
गीतकार कुमार विश्वास ने फिल्म के प्रिव्यू कार्यक्रम के दौरान इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नमित मल्होत्रा को शुरुआत में गीत पसंद नहीं आया था। इसके बाद कई बार गीत में बदलाव किए गए और अलग-अलग मुखड़े तैयार करके सुनाए गए। आखिरकार सातवीं प्रस्तुति में ऐसा मुखड़ा सामने आया, जिसने निर्माता का दिल जीत लिया।
एक मुखड़े ने बदल दी पूरे गाने की कहानी
कुमार विश्वास के मुताबिक, निर्माता नमित मल्होत्रा को भरोसा था कि गीतकार के पास ऐसे शब्द जरूर हैं, जो इस विशेष प्रसंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त होंगे। वह चाहते थे कि कुमार विश्वास अपनी रचनात्मक क्षमता का इस्तेमाल करते हुए उस भाव को शब्दों में उतारें, जिसकी तलाश फिल्म की टीम कर रही थी।
आखिरकार गीत का मुखड़ा सामने आया, जिसकी पंक्ति थी- ‘जुड़ी जोड़ी जनम जनमों की, जनक घर गूंजे है सिया सिया राम।’
इस पंक्ति को सुनते ही नमित मल्होत्रा को वह भाव मिल गया, जिसकी उन्हें तलाश थी। उन्होंने तुरंत गीत को मंजूरी दे दी। इस तरह छह बार अस्वीकृति मिलने के बाद सातवें प्रयास में यह गाना फाइनल हुआ।
कुमार विश्वास ने इस अनुभव के जरिए फिल्म निर्माण में निर्माता और निर्देशक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, किसी रचनात्मक काम को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुझाव देना और कलाकारों से बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास करना जरूरी होता है। Jagran+1
श्रेया घोषाल की आवाज ने गीत को बनाया खास
‘जुड़ी जोड़ी’ की लोकप्रियता में इसकी गायकी का भी महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदी संस्करण को बॉलीवुड की मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। एआर रहमान के संगीत निर्देशन और कुमार विश्वास के लिखे शब्दों के साथ श्रेया घोषाल की गायकी इस गीत को भावनात्मक रूप प्रदान करती है।
श्रेया घोषाल की आवाज में गीत के भाव और विवाह प्रसंग की गरिमा को प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि यह गीत केवल एक सामान्य फिल्मी विवाह गीत के रूप में नहीं, बल्कि राम और सीता के संबंध को समर्पित एक विशेष संगीत रचना के रूप में भी चर्चा में है।
इस गाने की एक और खासियत यह है कि इसे हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी तैयार किया गया है। अलग-अलग भाषाओं के संस्करणों के लिए संबंधित भाषाओं के गायकों और गीतकारों ने योगदान दिया है। इससे फिल्म के संगीत को विभिन्न भाषाई दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।





