धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने वालों को बड़ी राहत: सोना ₹2,016 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती, जानें खरीदारी का सही मौका

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धनतेरस के खास मौके पर सोने और चांदी की खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 2,000 रुपये तक और चांदी 3,000 रुपये से अधिक सस्ती होने की जानकारी ने त्योहार पर खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया है।

पिछले कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी और उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला था। ऐसे में धनतेरस के दिन आई गिरावट को खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी करने से पहले ग्राहकों को अपने शहर के सर्राफा बाजार में उपलब्ध ताजा भाव जरूर पता कर लेना चाहिए।

MCX पर सोने में 1.16 प्रतिशत और चांदी में 1.36 प्रतिशत की गिरावट

शुक्रवार सुबह 6 नवंबर को MCX पर सोने और चांदी के वायदा कारोबार में कमजोरी दर्ज की गई। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला सोना सुबह करीब 9:02 बजे 1.16 प्रतिशत गिरकर 1,42,421 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी का भाव 1.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,84,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

इससे पहले गुरुवार, 5 नवंबर को MCX पर सोने का हाजिर भाव 1,43,184 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 1,87,490 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। दोनों कारोबारी सत्रों के बीच कीमतों में आई नरमी ने बाजार में खरीदारी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। Moneycontrol

यहां ध्यान रखना जरूरी है कि MCX पर कारोबार होने वाले वायदा भाव और स्थानीय ज्वेलरी दुकानों पर मिलने वाले खुदरा भाव में अंतर हो सकता है। शहर, शुद्धता, स्थानीय मांग और सर्राफा कारोबारियों के प्रीमियम के आधार पर ग्राहकों को अलग-अलग कीमतें मिल सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव

भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों का संबंध अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों से भी होता है। शुक्रवार को वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 0.68 प्रतिशत गिरकर 4,060 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया था। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और भाव 4,075.90 डॉलर प्रति औंस के करीब रहा।

चांदी के अंतरराष्ट्रीय भाव में भी कमजोरी दिखाई दी। अमेरिकी बाजार में चांदी का भाव करीब 53.02 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की गतिविधियां, डॉलर की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित कर रही हैं।

पिछले दिनों तेजी के बाद आई गिरावट

धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में 24 कैरेट सोने के भाव में करीब 7,150 रुपये और चांदी में लगभग 10,100 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इससे बाजार में खरीदारी करने वालों के बीच चिंता बढ़ गई थी कि त्योहार के समय कीमती धातुएं और महंगी हो सकती हैं।

इसी तेजी के बाद अब बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के असर से कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। जब किसी कमोडिटी का भाव लगातार बढ़ता है, तो कुछ निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए अपनी पोजीशन बेचते हैं। इसे मुनाफावसूली कहा जाता है। इससे बाजार में अस्थायी रूप से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि, केवल एक दिन की गिरावट को कीमतों में लगातार कमी का संकेत मानना सही नहीं होगा। सोने और चांदी का बाजार कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होता है।

22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या है अंतर?

सोने की खरीदारी करते समय ग्राहकों के लिए उसकी शुद्धता समझना भी जरूरी है। बाजार में मुख्य रूप से 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोना उपलब्ध होता है।

  • 24 कैरेट सोना: इसे सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सोने के सिक्के और बार खरीदने में किया जाता है।
  • 22 कैरेट सोना: इसमें लगभग 91.6 प्रतिशत सोना होता है। आभूषण बनाने के लिए इसमें अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं। इसलिए ज्यादातर पारंपरिक सोने के गहने 22 कैरेट में बनाए जाते हैं।
  • 18 कैरेट सोना: इसमें लगभग 75 प्रतिशत सोना होता है। इसका उपयोग विशेष डिजाइन और आधुनिक आभूषणों में किया जाता है।

धनतेरस पर खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग सिक्के, आभूषण और चांदी के बर्तन खरीदते हैं। कीमतों में गिरावट आने से ग्राहकों को राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन खरीदारी करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सबसे पहले दुकान पर सोने और चांदी का उसी दिन का भाव पूछें। इसके बाद आभूषण की शुद्धता, वजन और हॉलमार्क की जांच करें। सोने के गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और वेस्टेज के बारे में भी जानकारी लें, क्योंकि इनका असर अंतिम बिल पर पड़ता है।

इसके अलावा बिल में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और लागू जीएसटी का अलग-अलग विवरण जरूर लें। सोने और चांदी के आभूषणों पर लागू जीएसटी तथा अन्य शुल्कों के कारण दुकान पर चुकाई जाने वाली अंतिम रकम केवल बाजार भाव से अधिक हो सकती है।

आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का प्रभाव बना रह सकता है।

कमोडिटी रिसर्च से जुड़ी विशेषज्ञ वंदना भारती के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और महंगाई की चिंताओं में कमी से कीमती धातुओं के बाजार को समर्थन मिल सकता है। उनके आकलन में घरेलू बाजार में सोने के लिए 1,42,000 से 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की सीमा और चांदी के लिए आगे 1,97,000 से 2,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर महत्वपूर्ण हो सकता है। ये बाजार आधारित अनुमान हैं, निश्चित भाव या भविष्य की गारंटी नहीं।

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