Choti Diwali 2026: छोटी दिवाली पर घर से बाहर कर दें ये 5 चीजें, वास्तु मान्यताओं के अनुसार सुख-समृद्धि के लिए है जरूरी

0
8

नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार भारत के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह पर्व रोशनी, खुशियों, उत्साह और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। दीपावली की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती हैं। लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, सजावट करते हैं और पूजा-पाठ की तैयारियों में जुट जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के अवसर पर घर को साफ और व्यवस्थित रखना विशेष महत्व रखता है। इसी क्रम में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का दिन भी घर की सफाई और नकारात्मकता को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

छोटी दिवाली के मौके पर कई परिवार घर के कोने-कोने की सफाई करते हैं और लंबे समय से जमा बेकार सामान को बाहर निकालते हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, घर में कुछ ऐसी चीजें नहीं रखनी चाहिए जो टूटी हुई हों, खराब हो चुकी हों या जिनका लंबे समय से कोई उपयोग नहीं हो रहा हो। माना जाता है कि ऐसी वस्तुएं घर के वातावरण को अव्यवस्थित बनाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डाल सकती हैं।

1. टूटे हुए बर्तन और बेकार पड़ा सामान करें बाहर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में टूटे-फूटे बर्तन और लंबे समय से अनुपयोगी पड़ा सामान जमा करके रखना अच्छा नहीं माना जाता है। कई घरों में पुराने कप, प्लेट, कटोरी और दूसरे बर्तन केवल इस वजह से रखे रहते हैं कि कभी भविष्य में काम आ सकते हैं। लेकिन जब ये चीजें पूरी तरह खराब या अनुपयोगी हो जाती हैं, तब इन्हें घर में रखने का कोई विशेष लाभ नहीं होता।

छोटी दिवाली की सफाई के दौरान ऐसे बर्तनों को अलग कर देना चाहिए। इसके साथ ही टूटे खिलौने, खराब घरेलू उपकरण और अनुपयोगी सामान भी छांट सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में माना जाता है कि घर में अनावश्यक और टूटी हुई वस्तुओं का ढेर अव्यवस्था बढ़ाता है। वहीं व्यावहारिक रूप से भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर परिवार के सदस्यों को बेहतर माहौल प्रदान करता है।

2. बंद घड़ी को घर में रखना माना जाता है अशुभ

वास्तु शास्त्र में घड़ी को समय, प्रगति और निरंतरता का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से बंद या खराब घड़ी को घर में लंबे समय तक रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि रुकी हुई घड़ी जीवन में ठहराव और कामकाज में रुकावट का प्रतीक हो सकती है।

छोटी दिवाली पर घर की सफाई करते समय दीवारों, कमरों और स्टोर रूम में रखी सभी घड़ियों को जरूर जांचें। अगर कोई घड़ी लंबे समय से बंद है, तो पहले उसकी बैटरी बदलकर या मरम्मत करवाकर उसे दोबारा इस्तेमाल करने योग्य बनाया जा सकता है।

यदि घड़ी पूरी तरह खराब हो चुकी है और उसकी मरम्मत संभव नहीं है, तो उसे उचित तरीके से घर से बाहर कर दें। केवल वास्तु मान्यता के कारण किसी उपयोगी वस्तु को बेवजह फेंकने की आवश्यकता नहीं है। इस परंपरा का व्यावहारिक उद्देश्य भी यही है कि घर में खराब और अनुपयोगी वस्तुओं को जमा न होने दिया जाए।

3. फटे और पुराने कपड़ों को न करें जमा

अक्सर लोग घर की अलमारी में ऐसे कपड़े जमा करके रखते हैं जिन्हें वे कई सालों से इस्तेमाल नहीं करते। कुछ कपड़े फट चुके होते हैं, कुछ का रंग खराब हो जाता है और कुछ लंबे समय से पहनने योग्य नहीं रहते। इसके बावजूद इन्हें अलमारी में जगह मिलती रहती है।

वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार, घर में लंबे समय तक बेकार और फटे कपड़े जमा रखना अच्छा नहीं माना जाता है। छोटी दिवाली की सफाई के दौरान अलमारी को व्यवस्थित करें और ऐसे कपड़ों को अलग कर दें जिनका अब कोई उपयोग नहीं है।

हालांकि, हर पुराने कपड़े को फेंकना जरूरी नहीं है। यदि कपड़े साफ और पहनने योग्य हैं, तो उन्हें जरूरतमंद लोगों को दान किया जा सकता है। वहीं बहुत अधिक फटे या खराब कपड़ों को उचित तरीके से निस्तारित करना बेहतर रहेगा।

4. घर के मंदिर से हटाएं टूटी या खंडित मूर्तियां

दिवाली के अवसर पर घर के मंदिर की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। छोटी दिवाली पर पूजा स्थल को साफ करना, दीपक और पूजा सामग्री व्यवस्थित करना तथा देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को साफ रखना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के मंदिर में टूटी या खंडित मूर्तियां रखना उचित नहीं माना जाता है। यदि किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट गई है या तस्वीर क्षतिग्रस्त हो गई है, तो उसे मंदिर में नियमित पूजा के लिए नहीं रखना चाहिए।

ऐसी स्थिति में श्रद्धापूर्वक उचित धार्मिक विधि से उसका विसर्जन या निस्तारण किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय मंदिर के पुजारी या जानकार व्यक्ति से मार्गदर्शन लेना भी उचित रहेगा।

5. सूखे और मुरझाए पौधों को घर से हटाएं

घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग बालकनी, छत, आंगन और कमरों में कई तरह के पौधे लगाते हैं। हरे-भरे पौधे घर के वातावरण को आकर्षक बनाते हैं और प्रकृति से जुड़ाव महसूस कराते हैं। लेकिन कई बार देखभाल के अभाव में पौधे सूख जाते हैं या उनकी पत्तियां मुरझाने लगती हैं।

वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, घर में सूखे और मुरझाए पौधे रखना शुभ नहीं माना जाता है। छोटी दिवाली की सफाई के दौरान ऐसे पौधों की जांच करें। यदि पौधे की कुछ पत्तियां सूख गई हैं, तो उन्हें हटा दें और पौधे की उचित देखभाल करें।

छोटी दिवाली पर सफाई के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

छोटी दिवाली पर घर की सफाई करते समय केवल इन पांच चीजों पर ही ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। घर के मुख्य दरवाजे, रसोई, बालकनी, पूजा स्थल और स्टोर रूम की भी अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। दरवाजे के आसपास जमा धूल-मिट्टी हटाएं और घर में रोशनी तथा हवा आने की उचित व्यवस्था रखें।

इसके अलावा बिजली के खराब तार, टूटे स्विच और क्षतिग्रस्त उपकरणों की भी जांच करें। पुराने कागजात और जरूरी दस्तावेजों को अलग-अलग व्यवस्थित रखें। सफाई के दौरान उपयोगी सामान को सुरक्षित रखें और कचरे का उचित निस्तारण करें।

सुख-समृद्धि के लिए स्वच्छता और सकारात्मक माहौल जरूरी

दिवाली को मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। इसलिए छोटी दिवाली पर घर की सफाई को विशेष महत्व दिया जाता है।

टूटे बर्तन, बंद घड़ी, फटे कपड़े, खंडित मूर्तियां और सूखे पौधे ऐसी पांच चीजें हैं जिन्हें इस अवसर पर जांचकर अनुपयोगी होने पर घर से हटाने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र में इन्हें शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन वस्तुओं को घर से हटाने से धन की प्राप्ति या आर्थिक स्थिति में सुधार होने की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।

छोटी दिवाली 2026 को घर की साफ-सफाई, पूजा स्थल की व्यवस्था और परिवार के साथ खुशियां बांटने का अवसर बनाएं। परंपराओं का सम्मान करते हुए स्वच्छता, सुरक्षा और जरूरतमंदों की सहायता को भी प्राथमिकता दें। यही छोटी दिवाली के उत्साह और त्योहार की वास्तविक भावना को और खास बना सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here