भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने के साथ ही ठंडक का अहसास भी तेज होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिन और रात, दोनों समय के तापमान पर दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, आसमान साफ रहने के कारण दिन में तेज धूप निकल रही है, लेकिन सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है। मौसम के इस बदले रुख से संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में सर्दी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली। छतरपुर जिले के नौगांव में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस नीचे आकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, बैतूल में दिन का अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और नरसिंहपुर में 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में दिन के समय भी तापमान में बदलाव महसूस किया जा रहा है।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से बढ़ रही ठंडक
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बताया जा रहा है। इन हवाओं के कारण प्रदेश में अपेक्षाकृत ठंडी हवा पहुंच रही है। इसका असर खासतौर पर सुबह और शाम के समय महसूस किया जा रहा है। दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक बनी रहने से लोगों को मौसम में बदलाव का अनुभव हो रहा है।
मौसम के सामान्य क्रम में उत्तर भारत की ओर से आने वाली ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश के तापमान को प्रभावित करती हैं। जैसे-जैसे इन हवाओं का प्रभाव बढ़ता है, वैसे-वैसे रात के तापमान में गिरावट आने लगती है। इसके बाद सुबह के समय ठंड का अहसास बढ़ता है। प्रदेश में फिलहाल इसी तरह का मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी विशेष जिले में शीतलहर या गंभीर ठंड की स्थिति घोषित नहीं की जा सकती।
नौगांव में अधिकतम तापमान 2.7 डिग्री गिरा
शुक्रवार को दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट छतरपुर जिले के नौगांव में दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान में यह कमी दिन के मौसम में आए बदलाव को दर्शाती है। नौगांव में तापमान में गिरावट के कारण दिन के समय पहले की तुलना में गर्मी का असर कम महसूस हो सकता है।
प्रदेश के अन्य शहरों के आंकड़े भी मौसम में बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं। बैतूल में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नरसिंहपुर में यह 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इन शहरों के तापमान में अंतर से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश के सभी हिस्सों में मौसम एक जैसा नहीं है। भौगोलिक स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों के कारण अलग-अलग जिलों में तापमान के आंकड़े अलग रह सकते हैं।
तापमान में गिरावट का जनजीवन पर असर
सुबह और शाम की ठंडक बढ़ने के साथ ही लोगों की दैनिक दिनचर्या में भी बदलाव आने लगता है। सुबह की सैर करने वाले लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। वहीं, देर शाम बाहर निकलने वालों को ठंडी हवा से बचाव की जरूरत महसूस हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह के समय खेतों और अन्य कामों पर जाने वाले लोगों को मौसम के बदलाव का सामना करना पड़ता है।
बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत होती है। तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान सुबह और शाम के समय शरीर को ठंड से बचाना उपयोगी रहता है। हालांकि, अभी उपलब्ध तापमान के आंकड़े प्रदेश में सामान्य मौसमी बदलाव की ओर संकेत करते हैं। केवल तापमान में गिरावट के आधार पर किसी गंभीर मौसमी चेतावनी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आने वाले दिनों में मौसम पर रहेगी नजर
प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से ठंडक बढ़ने का सिलसिला जारी रहने पर तापमान में और बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल आसमान साफ रहने के कारण दिन में धूप निकल रही है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड महसूस हो रही है। नौगांव, बैतूल और नरसिंहपुर के तापमान के आंकड़े इस मौसमी बदलाव को दर्शाते हैं।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति समझने के लिए अधिकतम और न्यूनतम तापमान के साथ हवा की दिशा और गति पर भी नजर रखना जरूरी होगा। किसी भी जिले में ठंड की तीव्रता का आकलन स्थानीय मौसम आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकता है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में सर्दी ने धीरे-धीरे दस्तक देना शुरू कर दिया है और सुबह-शाम बढ़ती ठंडक के साथ मौसम का मिजाज बदल रहा है।





