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भोपाल / राजधानी भोपाल का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला इलाका पुलिस कंट्रोल रूम गुरुवार दोपहर रणक्षेत्र बन गया। एक चालानी कार्रवाई को लेकर ई-रिक्शा चालक और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद इतना बढ़ा कि चालक की पत्नी ने मौके पर ही जहरीला पदार्थ गटक लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
🚦 विवाद की शुरुआत: सिग्नल जंप का मामला
जहांगीराबाद निवासी एक ई-रिक्शा चालक अपनी पत्नी के साथ जा रहा था। तभी कंट्रोल रूम तिराहे पर सिग्नल जंप करने के आरोप में पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया।
- चालक का आरोप: पुलिसकर्मी बेवजह परेशान कर रहे थे और भारी चालान की धमकी दे रहे थे।
- खौफनाक कदम: बहस के दौरान रिक्शा में बैठी पत्नी ने आवेश में आकर पास रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।
🛠️ पेचकस लेकर दौड़ा चालक, पुलिस की बाइकें पटकीं
महिला की हालत बिगड़ते ही मौके पर अजीबोगरीब स्थिति बन गई:
- पुलिसकर्मियों का भागना: आरोप है कि महिला को जहर खाते देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाय कंट्रोल रूम की ओर भागने लगे।
- चालक का तांडव: पुलिस का यह रवैया देख चालक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने हाथ में पेचकस ले लिया और पुलिस चौकी के बाहर खड़ी दो सरकारी बाइकों को पटककर नीचे गिरा दिया।
- हंगामे का अंत: राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को शांत कराया, जिसके बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल भागा।
🏥 वर्तमान स्थिति और जांच के बिंदु
- स्वास्थ्य अपडेट: अस्पताल में भर्ती महिला की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
- पुलिस का तर्क: विभाग का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की मनमानी बढ़ गई है, नियमों के पालन के लिए सख्ती जरूरी है।
- जांच: पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि महिला जहर साथ लेकर क्यों चल रही थी? क्या यह पहले से बनाई गई योजना थी या मौके का आवेश।
📢 जनता के सवाल
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है:
- क्या पुलिस का व्यवहार अमानवीय था?
- क्या चालानी कार्रवाई के डर से लोग आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हैं?
💡 की-हाइलाइट्स:
- लोकेशन: पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक सामने, भोपाल।
- हथियार: पेचकस से पुलिस को ललकारा।
- नुकसान: सरकारी बाइकों के साथ तोड़फोड़ की कोशिश।




