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महासमुंद (छत्तीसगढ़) | सोमवार, 23 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। सुप्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान रविवार (22 मार्च) सुबह एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ रोपवे की केबल अचानक टूटने से एक ट्रॉली करीब 200 से 300 फीट की ऊंचाई से नीचे जा गिरी, जिसमें एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई।
🔴 हादसे का घटनाक्रम: सुबह 10 बजे मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रविवार सुबह करीब 10:00 बजे हुआ। नवरात्रि के चलते मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ था।
- कैसे हुआ हादसा: श्रद्धालु 1,100 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित मंदिर के दर्शन कर नीचे उतर रहे थे। तभी अचानक रोपवे की मुख्य केबल टूट गई और ट्रॉली अनियंत्रित होकर सीधे पत्थरों पर आ गिरी।
- हताहतों की जानकारी: इस भीषण टक्कर में ट्रॉली में सवार एक महिला ने दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
⚠️ आस्था के बीच सुरक्षा पर बड़े सवाल
खल्लारी की पहाड़ी पर स्थित यह शक्तिपीठ छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। इस हादसे ने प्रशासन और रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं:
- मैंटनेंस में लापरवाही: क्या नवरात्रि के भारी रश से पहले फिटनेस सर्टिफिकेट लिया गया था?
- सुरक्षा ऑडिट: क्या केबल की मजबूती की तकनीकी जांच नियमित रूप से की जा रही थी?
- ओवरलोडिंग की आशंका: क्या क्षमता से अधिक भार के कारण केबल पर दबाव बढ़ा?
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान: “हादसा इतना भयानक था कि ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही थी और क्षण भर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।”
📍 वर्तमान स्थिति: रोपवे सेवा बंद
हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने रोपवे सेवा को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है। पुलिस की टीम मौके पर फॉरेंसिक जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।




