ESB स्कैम: आबकारी आरक्षक परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 मिनट में हल किए 100 सवाल; 12 पर FIR

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भोपाल/रतलाम | मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में एक सनसनीखेज गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मंडल ने 12 ऐसे ‘सुपरह्यूमन’ अभ्यर्थियों को पकड़ा है, जिन्होंने 2 घंटे के पेपर को महज 15 से 30 मिनट में हल कर दिया। इस मामले में भोपाल के एमपी नगर थाने में FIR दर्ज कर डायरी रतलाम भेज दी गई है।


🔍 कैसे हुआ खुलासा? (टॉपरों के डेटा ने खोली पोल)

ESB ने 5 फरवरी को परिणाम घोषित करने से पहले जब 100 पर्सेंटाइल लाने वाले उम्मीदवारों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • पुराना रिकॉर्ड: ये अभ्यर्थी पहले पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं में 50 अंक भी नहीं ला पाए थे।
  • ताजा परिणाम: इस परीक्षा में इन्हीं अभ्यर्थियों ने अचानक 90+ अंक प्राप्त कर लिए।
  • संदेह का केंद्र: ये सभी 12 अभ्यर्थी रतलाम के ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे थे, जिसे पहली बार सेंटर बनाया गया था।

💻 ‘अजूबा’ पैटर्न: न रफ वर्क, न हलचल

सीसीटीवी फुटेज और लॉग डेटा की जांच में पाया गया कि अभ्यर्थी परीक्षा हॉल में किसी रोबोट की तरह व्यवहार कर रहे थे:

  • कोई रफ वर्क नहीं: गणित और रीजनिंग के सवालों के लिए पेन तक नहीं उठाया。
  • स्थिर स्क्रीन: घंटों बिना किसी गतिविधि के बैठे रहे और अचानक कुछ ही मिनटों में सारे विकल्प टिक कर दिए।
  • एक ही मददगार: अलग-अलग शिफ्ट और तारीखों के बावजूद, जांच में संकेत मिले हैं कि इन सबको केंद्र पर मौजूद किसी एक ही व्यक्ति से बाहरी मदद मिल रही थी。

📊 किसने कितनी देर में मचाया ‘कोहराम’?

जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों ने सवालों को हल करने के लिए एक तय ‘टाइमिंग पैटर्न’ का इस्तेमाल किया:

अभ्यर्थी का नामकारनामा (समय प्रबंधन)
आशुतोषमहज 15 मिनट में 100 प्रश्न देखे और आखिरी 30 मिनट में सब हल कर दिए।
दयाशंकर30 मिनट में सवाल पढ़े और मात्र 15 मिनट में पूरा पेपर सॉल्व कर दिया।
विवेक/कुलदीप15 मिनट सवाल देखे और 30 मिनट में हल कर दिए।
शैलेंद्रपहले 15 मिनट कोई हरकत नहीं, फिर 30 मिनट में सवाल देखे और आखिरी 15 मिनट में 100 सवाल टिक।
सुभाष/अंकित/रवि/आशु30 मिनट सवाल देखना + 30 मिनट में हल करना (समान पैटर्न)।

📁 कार्रवाई और आंकड़े

  • शिकायतकर्ता: प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजरिया की तकनीकी जांच के बाद कार्रवाई हुई।
  • पुलिस एक्शन: 12 अभ्यर्थियों सहित अन्य संदिग्धों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।
  • परीक्षा का पैमाना: यह परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच 11 शहरों में हुई थी, जिसमें 1,10,032 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

🧐 क्या यह किसी बड़े गिरोह का काम है?

बिना किसी रफ वर्क के इतने कम समय में सटीक उत्तर देना एक संगठित गिरोह (Organized Gang) की ओर इशारा करता है। रतलाम के इस परीक्षा केंद्र की भूमिका अब गहन जांच के दायरे में है।

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