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भोपाल/इंदौर: मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का आगाज बड़े ही उत्साह के साथ हुआ है। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत आज, 4 अप्रैल को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक अनूठी पहल देखने को मिलेगी। आज जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर छोड़कर स्कूल पहुंचेंगे और बच्चों की क्लास लेंगे।
✍️ इंदौर से भोपाल तक… जब अफसर पढ़ाएंगे पाठ
प्रशासनिक अधिकारियों को स्कूलों से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने पुख्ता तैयारी की है:
- इंदौर: कलेक्टर शिवम वर्मा खुद प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में बच्चों से संवाद करेंगे। जिले के 162 अधिकारी अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर टीचर की भूमिका निभाएंगे।
- भोपाल: राजधानी के 102 स्कूलों में 102 अधिकारी तैनात किए गए हैं। कलेक्टर भोपाल ने सख्त आदेश दिए हैं कि अधिकारी तय समय पर स्कूल पहुंचकर बच्चों से चर्चा करें।
- उज्जैन: धर्मनगरी उज्जैन में भी 106 अधिकारी स्कूलों की कमान संभालेंगे।
🌸 तिलक लगाकर स्वागत और विशेष भोज
1 अप्रैल से शुरू हुए सत्र के पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल रहा।
- विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया।
- बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
- सत्र के शुरुआती दिनों में बच्चों के लिए विशेष मध्यान्ह भोजन (Special Mid-day Meal) की व्यवस्था की गई है।
🏠 घर-घर संपर्क: बढ़ेगा सरकारी स्कूलों में नामांकन
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए:
- शिक्षक ‘डोर-टू-डोर’ संपर्क अभियान चला रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों का प्रवेश (Admission) सुनिश्चित हो सके।
- अभिभावकों का सम्मान: पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों के माता-पिता को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे अन्य अभिभावक भी प्रेरित हों।
🎯 विभाग का लक्ष्य: क्वालिटी एजुकेशन
नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए विभाग ने नई कार्ययोजना लागू की है। अधिकारियों के स्कूल पहुंचने से न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
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