
भोपाल (drnewsindia.com): मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर एक बड़ी और नई व्यवस्था लागू कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सोमवार को जारी इस आदेश के तहत अब गैस आपूर्ति ‘प्राथमिकता’ (Priority) के आधार पर की जाएगी।
मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर्स को नई गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
किसे कितनी मिलेगी गैस? (आवंटन का नया गणित)
नई व्यवस्था के तहत गैस सिलेंडरों के वितरण को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों:
- प्रथम प्राथमिकता (30% कोटा): इसमें शैक्षणिक संस्थानों और चिकित्सा संस्थानों (अस्पतालों) को शामिल किया गया है। इन्हें उनकी कुल आवश्यकता का 100 प्रतिशत आवंटन दिया जाएगा।
- द्वितीय प्राथमिकता (35% कोटा): इस श्रेणी में आवश्यक सुरक्षा और सामाजिक सेवाएं शामिल हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), राज्य पुलिस, जेल विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी विभागीय संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्यों पड़ी नई गाइडलाइन की जरूरत?
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों और गैस की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अस्पताल, स्कूल और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गैस की किल्लत न हो।
कलेक्टर्स को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सरकार ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में गैस एजेंसियों और वितरकों के साथ समन्वय कर इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं। वितरण में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए नियमित निगरानी के भी आदेश दिए गए हैं।



